हल्दिया : एक बार फिर राज्य में सालिसी सभा के दौरान अमानवीय घटना घटी है. घटना पूर्व मेदनीपुर जिला के सूताहाटा थाना अंतर्गत उत्तर रानीचक गांव में घटी, जहां सालिसी सभा के दौरान दो माह की गर्भवती महिला को कान पकड़कर उठक बैठक करने की सजा दी गयी. आरोप के अनुसार इस क्रम में उससे मारपीट भी की गयी.
घटना के बाद परिजनों की ओर से गंभीर अवस्था में महिला को स्थानीय अस्पताल मेें भरती कराया गया, जहां बेहतर इलाज के लिये उसे हल्दिया महकमा अस्पताल में भरती कराया गया है.
क्या है मामला : सूत्रों के अनुसार उत्तर रानीचक गांव की रहने वाली रेहाना बीबी ने कुछ महीने पहले कुकड़ाहाटी इलाके के रहने वाले एक युवक से प्रेम विवाह किया था. वर-वधू दोनों के परिजन विवाह मानने को तैयार नहीं थे. मामला गांव की सालिसी सभा के पास पहुंची. सालिसी सभा में रेहाना के परिवार पर जुर्माना लगाया गया और विवाह को मंजूरी दी गयी.
इसके कुछ महीनों तक सबकुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन गत मंगलवार को घटी घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया. आरोप के अनुसार गांव के कुछ युवकों ने रेहाना को कुप्रस्ताव दिया. विरोध करने पर मंगलवार की रात करीब 9.30 बजे गांव मेें सालिसी सभा बुलायी गयी और रेहाना और उसके परिजनों को जबरन वहां लाया गया.
आरोप है कि रेहाना के प्रेम विवाह करने को लेकर परिजनों पर करीब आठ हजार रुपये का जुर्माना और कान पकड़कर उठक-बैठक करने की सजा सुनायी गयी. गर्भवती होने के कारण रेहाना ने जब उठक-बैठक करने से मना किया तो उससे मारपीट की गयी. बाद में गंभीर अवस्था में उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया.
गांव में वापस नहीं लौटने का फरमान
पीड़िता की मां शकिला बीबी ने आरोप लगाया है कि गांव की कमेटी ने उसकी बेटी और दामाद वापस गांव में नहीं लौटने का फरमान जारी किया है. घटना की शिकायत सूताहाटा थाने मेें दर्ज करायी गयी है. हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी.
