शपथ पत्र में बोल्ड अक्षर में आपराधिक इतिहास का करना होगा उल्लेख

आसनसोल : सर्वोच्च न्यायालय के 10 अक्तूबर, 2018 के आदेश के आलोक में चुनाव आयोग ने आगामी चुनाव में प्रत्याशियों के नामांकन के संबंध में नया दिशा-निर्देश जारी किया है. आगामी लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दल को अपने प्रत्याशियों के बारे में तथा स्वयं प्रत्याशी को तीन-तीन बार अखबारों में अपने आपराधिक इतिहास का विज्ञापन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 11, 2019 5:50 AM
आसनसोल : सर्वोच्च न्यायालय के 10 अक्तूबर, 2018 के आदेश के आलोक में चुनाव आयोग ने आगामी चुनाव में प्रत्याशियों के नामांकन के संबंध में नया दिशा-निर्देश जारी किया है.
आगामी लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दल को अपने प्रत्याशियों के बारे में तथा स्वयं प्रत्याशी को तीन-तीन बार अखबारों में अपने आपराधिक इतिहास का विज्ञापन देकर प्रचार-प्रसार करना होगा.
नामांकन के दौरान दाखिल किये जाने वाले शपथ-पत्र (फॉर्म 26) में भी बोल्ड अक्षर में आपराधिक इतिहास, लंबित केसों की स्थिति की जानकारी देनी होगी. राजनीतिक दल एवं प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश की प्रति सभी जिलों में निर्वाचन पदाधिकारियों की भेजी गयी है.