वार्ड 42 : एसबी गराई रोड में नालियां जाम, कूड़े का भंडार

प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी चरम पर... पार्षद का दावा सब कुछ सामान्य है, लोगों ने उनके दावे को गलत बताया आसनसोल : नगर निगम के वार्ड संख्या 42 अंतर्गत एसबी गराई रोड इलाके में सफाई व्यवस्था का हाल बेहाल है. जगह-जगह फैली गंदगी और नालियों के जाम होने से इलाके के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 16, 2020 1:05 AM

प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी चरम पर

पार्षद का दावा सब कुछ सामान्य है, लोगों ने उनके दावे को गलत बताया
आसनसोल : नगर निगम के वार्ड संख्या 42 अंतर्गत एसबी गराई रोड इलाके में सफाई व्यवस्था का हाल बेहाल है. जगह-जगह फैली गंदगी और नालियों के जाम होने से इलाके के लोगों की समस्या चरम पर है. प्रशासनिक सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है. वार्ड के पार्षद दयामय राय का दावा है कि वार्ड में सफाई व्यवस्था की हालत सामान्य है. जमीनी हकीकत में उनका यह दावा सच्चाई से परे है.
आंखों देखी
वार्ड संख्या 42 अंतर्गत एसबी गोराई रोड इलाके में कूड़ेदान की कमी और सफाई कर्मियों द्वारा सही तरीके से सफाई नहीं किये जाने से जगह-जगह गंदगी की भरमार है. नालियों की सफाई न होने से सभी नालियां जाम है. जिससे बदबू निकल रहा है. कीटनाशक और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नियमित नहीं होने से इलाके में मच्छरों के आतंक काफी बढ़ गया है.
एसबी गोराई रोड निवासी झंटू ने कहा कि नियमित सफाई न होने से इलाके में गन्दगी का अंबार है. कड़े के ढ़ेर के कारण इलाके वासियों में आक्रोश है.
एसबी गराई रोड निवासी रसमय दास ने कहा कि इलाके में सफाई कर्मी मन माने ढंग से सफाई करते हैं. वे नियमित नहीं आते और आते हैं तो सही तरीके से सफाई नहीं करते हैं, जिससे इलाके में जगह-जगह गंदगी फैली है.
एसबी गराई रोड निवासी प्रभु प्रसाद ने कहा कि कूड़ेदान की कमी के कारण इलाके में गंदगी फैली हुई है. नालियों की नियमित सफाई नहीं होती है. कीटनाशक और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नियमित नहीं होता है.
एसबी गराई रोड निवासी बैजनाथ दास ने कहा कि फॉगिंग मशीन का का उपयोग इलाके में कभी-कभार होता है. कूड़ेदान की कमी से लोग जहां-तहां कूड़ा फेंकने को विवश हैं, जिससे स्थानीय लोगों में अक्सर विवाद होता है.
एसबी गराई रोड निवासी सुचित्रा चौधरी ने कहा कि नालियों की सफाई नहीं होने से इलाके हमेशा बदबू फैली रहती है. मजबूरन लोगों को खुद नालियों की सफाई करनी पड़ती है.
क्या कहते हैं पार्षद?
वार्ड के पार्षद दयामय राय ने बताया कि कुल 18 सफाई कर्मी हैं, जिसमें दस कर्मी नियमित सफाई करते हैं और आठ कर्मी महीने में 13 दिन कार्य करते हैं. कुल 14 कूड़ेदान है. ब्लीचिंग पावडर और कीटनाशक का छिड़काव नियमित होता है. जरूरत के आधार पर फॉगिंग मशीन का उपयोग किया जाता है.