अनाथ हो गये नौनिहाल दो भाई-बहन

स्तब्ध : पुरोहिती करनेवाले ब्राह्मण ने आखिरकार कैसे की निर्ममता से महिला की हत्या आसनसोल : आसनसोल नॉर्थ थाना अंतर्गत काखैया ग्राम में स्थानीय महिला मंजू धीवर की हत्या और इस मामले में उसके मालिक पुण्रेन्दू चक्रवर्त्ती व ज्योतिका चक्रवर्त्ती की गिरफ्तारी के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है. इस मुद्दे पर ग्रामीण खुल कर कोई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 14, 2015 7:04 AM
स्तब्ध : पुरोहिती करनेवाले ब्राह्मण ने आखिरकार कैसे की निर्ममता से महिला की हत्या
आसनसोल : आसनसोल नॉर्थ थाना अंतर्गत काखैया ग्राम में स्थानीय महिला मंजू धीवर की हत्या और इस मामले में उसके मालिक पुण्रेन्दू चक्रवर्त्ती व ज्योतिका चक्रवर्त्ती की गिरफ्तारी के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है.
इस मुद्दे पर ग्रामीण खुल कर कोई बात नहीं कर रहे हैं. लेकिन उनका मानना है कि पूरे प्रकरण में दो परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गये तथा गिरफ्तार ज्योतिका के दो बच्चे पूरी तरह से अनाथ हो गये हैं. उनके पिता सुबल चक्रवर्त्ती के सामने मुख्य समस्या यह है कि वह मजदूरी करने जाये या फिर एपने बच्चों को संभालें. वार्ड संख्या 13 अंतर्गत काखैया ग्राम में चक्रवर्ती पाड़ा, बनर्जी पाड़ा, धीवर पाड़ा, बाउरी पाड़ा, माजी पाड़ा आदि शामिल है. अलग-अलग पाड़ा होने के बाद भी ग्रामीणों में काफी एकता व मेलजोल है.
चक्रवर्त्तीपाड़ा से कुछ ही दूरी पर धीवरपाड़ा है. हत्या के आरोपी पूर्णेदु चक्रवर्ती (मोना) के घर से कुछ ही दूरी पर मृतका मंजू धीवर का घर है. वह अपने ननिहाल में रहती थी.
मां-पिता की मौत के बाद कोई आसरा नहीं रहने के कारण वह यहां रह रही थी. मृतका का अपना सगा कोई नहीं था. वह अपने मामा के साथ ही रहती थी और घरों में काम काज कर अपनी आजीविका चलाती थी. धीवर पाड़ा में छह -सात धीवर परिवार रहते हैं.
इनमें से एक परिवार के सदस्य श्यामल धीवर ने बताया कि मृतका बेहद दुबली पतली और रूग्ण महिला थी. वह किसी तरह चौका बर्तन का काम कर घर चलाती थी. उसका किसी के साथ कोई विवाद नहीं था. उसकी कोई शिकायत भी नहीं थी. उसके साथ बहुत अनुचित हुआ. दोषियों को कड़ी से क ड़ी सजा होनी चाहिये. उन्होंने बताया कि ग्राम में कभी इस तरह की वारदात नहीं हुयी. बस्ती के लोग मिल जुल कर आनंद से रहते हैं.
भले ही उसने पुण्रेन्दू व ज्योतिका के अवैध संबंधों को उजागर करने की धमकी दी थी, लेकिन उनके संबंधों की जानकारी उसने किसी को भी नहीं दी थी. उसकी मंशा दोनों को सुधारने की रही होगी. लेकिन दोनों ने मिल कर उसकी हत्या ही कर दी. इस घटना सले सभी धीवर परिवार शोकाकुल है. इधर चक्रवर्त्ती पाड़ा के निवासी भी काफी आक्रोशित हैं. उनका कहना है कि नौकरानी मंजू की हत्या नहीं करनी चाहिए थी. दोनों आरोपियों को क ड़ी से क ड़ी सजा मिलनी चाहिए. उनकी पूरी सहानुभूति मृतका के परिजनों के प्रति है.
दूसरी ओर आरोपी ज्योतिका के पति सुबल चक्रवर्ती (गेदोल) पर मानो विपत्ति टूट पड़ी हो. समाज में प्रतिष्ठा तो गिर ही गयी. वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था. इस समय बड़ा भाई व पत्नी पुलिस के कब्जे में है. आसानी से जमान्रत मिलने की संभावना भी नहीं है. इतनी राशि भी नहीं है कि वह दोनों की जमानत करा सके. वह जमानत कराना भी नहीं चाहता. लेकिन उसकी परेशानी का कारण उसके दो बच्चे हैं.
बड़ी बेटी छह साल की है, जबकि छोटा बेटा चार साल का है. उसने बताया कि ये क्या विपत्ति आ पड़ी, वह रंग मिस्त्री का काम कर किसी तरह घर चलाता है, घर में छोटे छोटे बच्चे हैं, मां की तलाश कर रहे हैं, उन्हें संभालें या उनके लिये दो रोटी का जुगाड़ करें. उसका तो पूरा परिवार ही बिखर गया. जिधर जाओ, दस तरह के ताने सुनने पड़ रहे हैं.
इस मामले के अनुसंधान अधिकारी अवर निरीक्षक सुदीप्त प्रमाणिक ने बताया कि दोनों आरोपियों को तीन दिनों के पुलिस रिमांड में लिया गया है. रविवार को उन्हें फिर आसनसोल महकमा कोर्ट में पेश किया जायेगा. दोनों ने पहले ही अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. दोनों को घटनास्थल पर ले जाया गया था. पुण्रेन्दू ने पूरे घटनाक्रम का मॉक ड्रील कर अधिकारियों को दिखाया. हत्या में प्रयुक्त सामग्रियों की बरामदगी की जा रही है. इस मामले में सारे साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ हैं.