सुकुमार भेजे गये जबरन लंबी छुट्टी पर

एक्शन. निगम प्रशासन के करप्शन के खिलाफ कार्रवाई करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मेयर जितेंद्र तिवारी ने कार्यपालक अभियंता सुकुमार मुखर्जी को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है. उनके खिलाफ अवैध वाटर कनेक्शन देने तथा गलत तरीके से कार्य पूरा होने का सर्टिफिकेट प्रमोटरों को निर्गत करने का आरोप है. इसके पहले […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 1, 2016 5:55 AM

एक्शन. निगम प्रशासन के करप्शन के खिलाफ कार्रवाई

करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मेयर जितेंद्र तिवारी ने कार्यपालक अभियंता सुकुमार मुखर्जी को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है. उनके खिलाफ अवैध वाटर कनेक्शन देने तथा गलत तरीके से कार्य पूरा होने का सर्टिफिकेट प्रमोटरों को निर्गत करने का आरोप है. इसके पहले ही उनके अधिकारों में कटौती कर उन्हें जामुड़िया भेज दिया गया था.

आसनसोल. आखिरकार आसनसोल नगर निगम के कार्यपालक अभियंता सुकुमार बनर्जी पर सोमवार को गाज गिर गयी. उन पर अनियमितता करने के गंभीर आरोप हैं. उन्हें जांच पूरी होने तक लंबी छुट्टी पर जाने का आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया. इसके पहले उन्हें आसनसोल कार्यालय से जामुड़िया कार्यालय में पदास्थापित किया गया था. इस पर श्री मुखर्जी ने टिप्पणी करने से इंकार किया है.

निष्पक्ष जांच के लिए था जरूरी

मेयर जितेंद्र तिवारी ने बताया कि उनके खिलाफ नगर निगम प्रशासन को कई गंभीर शिकायतें मिली थी. इनमें से दो को काफी गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ जांच कमेटी गठित की गयी है. इनमें बड़ी संख्या में अवैध वाटर कनेक्टशन जारी करना तथा कई निर्माणाधीन अपार्टमेंट्स को निर्माण कार्य पूरा होने का प्रमाण पत्र निर्गत करना शामिल है.

शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ साक्ष्य मिलने पर पर उनसे मुख्य अभियंता का दायित्व ले लिया गया तथा बाद में उनका पदास्थापन नगर निगम के जामुड़िया इलाके में कर दिया गया था. इसके बाद उनके खिलाफ जांच चलती रही. इस समय निर्णय लिया गया कि निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी है कि उनपर जांच होने तक उन्हें छुट्टी पर भेज दिया जाये. उन्होंने कहा कि आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई भी समझौता नहीं किया जायेगा.

पहले ही अधिकार से वंचित कर भेजे जा चुके थे जामुड़िया कार्यालय

पहले भी मुखर रहे हैं मेयर

नये बोर्ड के गठन के बाद से ही मेयर श्री तिवारी इन दो मुद्दों पर काफी गंभीर रहे हैं. उन्होंने जलापूत्तर्ि विभाग से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी तथा मेयर परिषद सदस्य (जलापूत्तिर्) पूर्णशशि राय को सभी अवैध कनेक्शनों को काटने का निर्देश दिया. साथ ही नये कनेक्शन के लिए समीक्षा कर कनेक्शन देने को कहा. इसी दौरान यह बात सामने आ गयी कि बड़े पैमाने पर अवैध वाटर कनेक्शन दिये गये हैं. इसी तरह प्रमोटरों के मामले में भी अनियमितता सामने आयी. इन दो मुद्दों पर मेयर श्री तिवारी कई बार सार्वजनिक टिप्पणी कर चुके हैं. उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर कार्यपालक अभियंता श्री मुखर्जी के अधिकारों में कटौती की. उनके स्थान पर कार्यपालक अभियंता सुकमल मंडल को प्रमुख दायित्व दिया गया. इसके बाद उनका तबादला जामुड़िया कार्यालय में कर दिया गया.

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