जीरो डैमरेज का लक्ष्य हासिल किया आइएसपी ने

प्रति माह 40 से 50 लाख जुर्माने की होगी बचत कंपनी को बर्नपुर : आइएसपी के उप महाप्रबंधक (ओएचपी) बीएस रेड्डी के नेतृत्व में ओएचपी टीम ने ओर हैंडलिंग प्लांट में रेलवे की क्षतिपूत्तर्ि शुल्क में नियंत्रण पाने में आशातीत सफलता हासिल की है. कंपनी के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ओएचपी टीम ने 120 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 17, 2016 7:38 AM
प्रति माह 40 से 50 लाख जुर्माने की होगी बचत कंपनी को
बर्नपुर : आइएसपी के उप महाप्रबंधक (ओएचपी) बीएस रेड्डी के नेतृत्व में ओएचपी टीम ने ओर हैंडलिंग प्लांट में रेलवे की क्षतिपूत्तर्ि शुल्क में नियंत्रण पाने में आशातीत सफलता हासिल की है. कंपनी के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ओएचपी टीम ने 120 मिनट के प्रावधान के बावजूद 75 मिनट में डिटेंशन टाइम तथा तीन सौ मिनट के आवंटित समय में से 295 मिनट में बीओभीएस रेक का कार्य संपन्न कर रिकार्ड कायम किया है.
सूत्रों ने कहा कि आमतौर पर डैमरेज चार्ज हमेशा से चिंता का मुद्दा रहा है. प्लांट के आधुनिकीकरण के बाद इस मोर्चे पर चिंता अधिक बढ़ गयी थी. लेकिन पिछले तीन माह में ओएचपी टीम ने शून्य डेमरेज का लक्ष्य हासिल किया है. नवंबर, 15; दिसंबर, 15 तथा जनवरी, 16उन्होंने कहा कि रेलवे ने डीटेंशन के लिए नया नियम लागू कर दिया है.
इसके तहत बीओबीएस रैक के लिए 120 मिनट तथा बीओएकेसएन रैक के लिए तीन सौ मिनट का प्रावधान किया गया है. इसके तहत विलंब होने पर डेढ़ सौ रुपये प्रति डिब्बे के दर से एक रैक के लिए 8,850 रुपये का शुल्क बन जाता है. महीने में यह राशि 40 से 50 लाख के बीच होती है. बिलंब समय में कमी लाने के लिए जरूरी है कि वैगनों को समय पर खाली की जाये तथा हॉपरों को समय पर खाली किया जाये.
उपमहाप्रबंधक श्री रेड्डी ने इस कार्य का दायित्व दो युवा अभियंता-सहायक मैनेजर (ओएचपी-ऑपरेशन) पुष्कर रंजन तथा सहायक मैनेजर (ओएचपी- मेकेनिकल) नंद किशोर सिंह को दिया. उन्होंने समय पर अनलोडिंग कराने तथआ हॉपरों को खाली कराने के लिए इन्हें लगातार प्रोत्साहित किया. इन्होंने विलंब के कारणों की शिनाख्त की तथा उनके समाधान का विकल्प भी ढूंढा. उन्होंने इसके लिए वैकल्पिक तकनीक का भी इजाद किया.
इस तरह उन्होंने बीओबीएस रैक के लिए 75 मिनट तथआ बीओएक्सएन रैक के लिए 295 मिनट का लक्ष्य हासिल कर लिया. इसमें ऑपरेशन, मेकेनिकल तथा इलेक्ट्रिकल विभाग का बेहतर तालमेल रहा. इस तरह दामोदर यार्ड में अनलोडिंग के समय में नियंत्रण का लश्र्य श्री रेड्डी ने हासिल कर लिया.