11 की हड़ताल के पक्ष में सक्रिय हुए लोग

आसनसोल : विभिन्न मांगों के समर्थन में आगामी 11 जुलाई को केंद्रीय कर्मचारियों द्वारा बुलायी गयी देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में आसनसोल स्टेशन के समक्ष 11 सूत्री मांगों के समर्थन में एनजेसीए के निर्देश पर इआरएमसी एवं इआरएमयू की संयुक्त बैठक हुई. बैठक में इआरएमयू ब्रांच दो के सचिव पीएन राम, अनिल कुमार, कुंदन पासवान, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 1, 2016 8:07 AM
आसनसोल : विभिन्न मांगों के समर्थन में आगामी 11 जुलाई को केंद्रीय कर्मचारियों द्वारा बुलायी गयी देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में आसनसोल स्टेशन के समक्ष 11 सूत्री मांगों के समर्थन में एनजेसीए के निर्देश पर इआरएमसी एवं इआरएमयू की संयुक्त बैठक हुई. बैठक में इआरएमयू ब्रांच दो के सचिव पीएन राम, अनिल कुमार, कुंदन पासवान, एसके मुखर्जी, विद्युत बनर्जी, संजय सिंह, ब्रांच एक के सचिव विमान मल्लिक, पीके झा, शंभु सिंह, गौतम दास आदि उपस्थित थे. बैठक में सरकार द्वारा सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं की मंजूरी की चर्चा की गयी.बैठक में शामिल कर्मचारियों ने इसे 33 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के विरोध में बताया.
संयोजक एमएस मंडल ने बताया कि देशव्यापी विरोध के बावजूद सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया और नहीं किसी समझौता मूलक पहल ही की. जिसके बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों के सामने हड़ताल के सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है. एनजेसीए के बैनर तले दुर्गापुर स्टेशन के समक्ष यात्रियों को 11 जुलाई की देशव्यापी हड़ताल के संबंध में जानकारी देने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गयी जिसमें इआरएमयू और इआरएमसी के कार्यकर्ता शामिल हुए. इआरएमयू के केंद्रीय नेता एमकेपी सिंह ने बताया कि सरकार एफडीआइ लागू कर रेलवे को निजी संस्थानों के हाथों में सौंपने का प्रयास कर रही है.
उन्होंने बताया कि विवेक देबराय कमेटी की रिपोर्ट रेल कर्मियों के हितों के विरोध में हैं. कमेटी की रिपोर्ट में रेल कर्मियों को दी जा रही बुनियादी सुविधाओं में कटौती की सिफारिश की गयी है. जिसके तहत रेल कर्मियों को स्कूल की सुविधा, अस्पताल की सुविधा बंद करने की सिफारिश की गयी है. रिटायर्ड जस्टिस एके माथुर की पे कमीशन की रिपोर्ट से भी रेलकर्मियों में भारी हताशा है.
जिसमें उन्होंने रेल कर्मियों को वेतन, बोनस आदि द्वारा बहुत कुछ देने पर कटौती का प्रस्ताव दिया है. रेलवे में जरूरतमंदों, वरिष्ठ नागरिक, स्टूडेंट्स, मरीजों को सफर में दिये जा रहे छूट को भी समाप्त करने की सिफारिश की गयी है. इन सब बातों को यात्रियों के सामने रखा गया.