माता-पिता, गुरु के चरणों में स्वर्ग

पुलिस आयुक्त एलएन मीणा ने मेधावी स्टूडेंट्स को दिये टिप्स स्थानीय रवींद्र भवन में आयोजित हुआ प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान आसनसोल : पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि माता-पिता व गुरू को अनुकुल रखने से जीवन में हर बाधा पार कर सकते हैं. मां के हृदय में प्रकृति का वास है. उसके हृदय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 30, 2016 2:31 AM

पुलिस आयुक्त एलएन मीणा ने मेधावी स्टूडेंट्स को दिये टिप्स

स्थानीय रवींद्र भवन में आयोजित हुआ प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान
आसनसोल : पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि माता-पिता व गुरू को अनुकुल रखने से जीवन में हर बाधा पार कर सकते हैं. मां के हृदय में प्रकृति का वास है. उसके हृदय को कभी न दुखायें. उन्होंने जीवन में जो सफलता पायी है, वो मां के आशिर्वाद से ही मिला है. वे शुक्रवार को स्थानीय रविंद्र भवन में आयोजित प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान 2016 को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को सम्मानित किये जा रहे इस कार्यक्रम में शामिल होना बड़े ही गर्व की बात है. सम्मानित होने वाले स्टूडेंटसों से उन्होंने इस सम्मान को अहंकार रूप में न लेकर इसे विनम्र रूप में लेने का आग्रह किया. उन्होंने बताया कि सम्मान को विनम्र रूप से लेने से ही सम्मान सुशोभीत होती है. स्टूडेंटस के अभिभावकों से उन्होंने इस सम्मान को प्रेरणा रूप में लेने को कहा.
मेयर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे विश्व में पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था को एक नंबर पर ले जाने का जो प्रयास आरंभ किया है उसके लिए जिस नयी पीढ़ी की जरूरत है, वो यही नयी पीढ़ी है. जिसे ‘प्रभात खबर’ अपने प्रतिभा सम्मान के माध्यम से सम्मानित कर रहा है. उन्होंने प्रतिभावान स्टूडेंटस की प्रतिभा को सम्मानित करने के लिए मंच देने के लिए सराहना की.
उन्होंने कहा कि जिन स्टूडेंटस ने लगन से स्थान पाया है उनका सम्मान गर्व की बात है. उन्होंने बच्चों को जीवन में आगे बढते जाने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि मीडिया को कुछ संयम बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अत्यधिक सच्चाई के कारण कभी-कभी समाज को क्षति हो जाती है. उन्होंने कहा कि हमेशा जन कल्याण के हित में पत्रकारिता होनी चाहिए.
सालानपुर के बीडीओ तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी आकांक्षा भाष्कर ने बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि गार्जीयन एक धनुष की तरह हैं धनुष को जितना टानते हैं तीर उतना ही दूर जाकर लक्ष्य को भेदता है. उसी तरह गार्जीयन अपने बच्चों के प्रति जितना प्रयास करते हैं बच्चे उनके जीवन में उतना ही आगे जाते हैं. सुश्री भाष्कर ने बताया कि जो बच्चे आज शिक्षा ले रहे हैं वह विधा नहीं एक टिकट ह.ै
आपके सपनों को साकार करने का एक माध्यम है. बच्चों से बड़ा सपना देखने को कहा बोलीं कि आज आपक को शिक्षा क्षेत्र में आगे बढने की जो सुविधाएं मिल रही ह.ैं हमारे समय में शिक्षा प्राप्त करने की उतनी सुविधाएं नहीं थीं. आज सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आपको शिक्षित बना आपके सपनों को साकार करने में हर सहयोग कर रही है.

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