रक्तरंजित इंजीनियरिंग छात्र रहा तड़पता, उदासीन रहे बस कर्मी

बर्नपुर स्टैंड में मिनी बस पर चढ़ रहे इंजीनियरिंग छात्र शुभ्रनील मिश्र (20) को बड़ी बस ने अपनी चपेट में ले लिया. जिससे वह बुरी तरह से घायल हुआ. जमीन पर तड़पने के बाद भी बस कर्मियों ने उसके इलाज की कोई पहल नहीं की. फलस्वरूप यात्रियों ने बस चालक की पिटाई की. आसनसोल : […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 28, 2016 8:03 AM
बर्नपुर स्टैंड में मिनी बस पर चढ़ रहे इंजीनियरिंग छात्र शुभ्रनील मिश्र (20) को बड़ी बस ने अपनी चपेट में ले लिया. जिससे वह बुरी तरह से घायल हुआ. जमीन पर तड़पने के बाद भी बस कर्मियों ने उसके इलाज की कोई पहल नहीं की. फलस्वरूप यात्रियों ने बस चालक की पिटाई की.
आसनसोल : हीरापुर थाना अंतर्गत बर्नपुर बस स्टैंड में मंगलवार को बड़ी बस के धक्के से रामबांध निवासी व इंजीनियरिंग छात्र शुभ्रनील मिश्र (20) बुरी तरह से घायल हो गया. उसका सिर तथा कान फट जाने से पूरा शरीर रक्त से सन गया. इधर बस कर्मी मूकदर्शक बन कर उसे तड़पता देखते रहे. घटना में बस चालक की गलती के बाद भी बस कर्मियों की इस अमानवीय उपेक्षा को देख यात्री उत्तेजित हो गये. उन्होंने बस स्टैंड में जमकर हंगामा मचाया.
मिनी बस चालक की पिटाई कर दी. बाद में उन्होंने बड़ी बस के चालक को पकड़ा. पुलिसअधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की. बड़ी बस के चालक व खलासी दोनो को हिरासत में लिया. इस संबंध में शिकायत दर्ज कर बस जब्त की गयी. घायल छात्र को इलाज के लिए एचएलजी अस्पताल में दाखिल कराया गया. उसकी स्थिति खतरे से बाहर है.
घायल छात्र के सहयोगी साजिद आरफिन खान ने कहा कि शुभ्रनील रोजाना बर्नपुर बस स्टैंड से मिनी बस से आसनसोल इंजीनियरिंग कॉलेज आता -जाता है. बस स्टैंड में मिनी व बड़ी बसें अपने- अपने स्थान पर खड़ी रहती है. रांगापाड़ा रुट की मिनी बस महानाम आगे की ओर खड़ी थी.
जिस पर सवार होने के चक्कर में शुभ्र दौड़ता हुआ आया. उसने बांयी ओर से बस में चढ़ने के लिए ज्योंहि अपना दाहिना पैर आगे बढ़ाया. नीम तल्ला की बड़ई बस ‘आंचल’ भी रेसा- रेसी के चक्कर में बांयी ओर से आगे की ओर निकल पड़ी. जिससे शुभ्र उसकी चपेट में आ गया. बस से टक्कर लगने के बाद वह जमीन पर गिर पड़ा. उसके सर व कान से रक्त प्रवाह शुरू हो गया. उसके जमीन पर तड़पने के बाद भी किसी भी बस कर्मी ने उसकी मदद नहीं की.
इधर बस कर्मियों की इस असंवेदनशीलता को देखते हुए स्टैंड में मौजूद यात्री उत्तेजित हो गये.उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. इसी बीच घायल शुभ्रनील का सहयोगी साजिद उसे एक खलासी की मदद से उठा कर इलाज के लिए एचएलजी अस्पताल ले गया. स्टैंड में यात्रियों ने मिनी बस कर्मी की पिटाई कर दी. बाद में जब उन्हें पता चला कि दुर्घटना बड़ी बस से हुयी तो उन्होंने उक्त बस के कर्मी को पकड़ लिया. इधर घटना की सूचना मिलने के बाद वहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने स्थिति नियंत्रित की. बंधक बने कस कर्मी को अपनी गिरफ्त में लिया.
दूसरी ओर एचएलजी अस्पताल में पहुंचने पर प्राथमिक उपचार के तहत सिर व कान पर टांके लगाये गये. जिससे खून का बहाव रूक गया. उसके साथ ही सिटी स्क्रैन के लिए भेजा गया. रिपोर्ट ठीक ठाक होने के बाद परिजनो ने राहत की सांस ली.
हीरापुर थाना के अवर निरीक्षक (एसआइ) एस बनर्जी अस्पताल पहुंचे. शुभ्रनील के परिजनों तथा इंजीनियरिंग स्टूडेंट्सों की मांग थी कि घटना के लिए जिम्मेवार दोनों बसों के मालिक-विनोद शुक्ला तथा दीप नारायण साव को घटना स्थल पर बुलाया जाये. ताकि अस्पताल का खर्च हर्जाने के रूप में वे भुगतान करें. लेकिन बस मालिक की प्रतिनिधि के रूप में मुकेश सिंह तथा फागू दास सहित कई लोग अस्पताल पहुंचे. जिसे देखकर छात्र और उत्तेजित हो गये. पुलिस अधिकारी ने दोनों मालिकों को घटना स्थल पर बुलाया. लंबी वार्ता के बाद बस मालिकों ने तीस हजार रूपये का भुगतान किया. दोनो पक्षो में सुलह होने के बाद एसआइ श्री बनर्जी अस्पताल से रवाना हो गये.

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