बीएसएनएल एक्सचेंज के समक्ष कर्मियों का प्रदर्शन

62 हजार टावरों को मिला कर अनुषांगिक कंपनी गठन के निर्णय का विरोध पटरी पर आ रही सरकारी कंपनी को निजी हाथों में सौंपने की हो रही साजिश आसनसोल : गोधूलि स्थित बीएसएनएल एक्सचेंज में ज्वायंट फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियन एंड एसोसिएशन के बैनर तले कर्मियों ने बीएसएनएल के 62 हजार वीटीएस टावरों को लेकर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 26, 2016 11:59 PM
62 हजार टावरों को मिला कर अनुषांगिक कंपनी गठन के निर्णय का विरोध
पटरी पर आ रही सरकारी कंपनी को निजी हाथों में सौंपने की हो रही साजिश
आसनसोल : गोधूलि स्थित बीएसएनएल एक्सचेंज में ज्वायंट फोरम ऑफ बीएसएनएल यूनियन एंड एसोसिएशन के बैनर तले कर्मियों ने बीएसएनएल के 62 हजार वीटीएस टावरों को लेकर अनुषांगिक कंपनी बनाने के प्रबंधन के निर्णय के विरोध में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बीएसएनएल कर्मियों ने अथक परिश्रम से देश भर में बीएसएनएल टावरों को खड़ा किया है.
इस राष्ट्रीय संपत्ति को किसी भी कीमत पर निजी हाथों में सौंपने नहीं दिया जायेगा. प्रबंधन नित नये हथकंडे अपना कर बीएसएनएल के निजीकरण की साजिश रच रहा है. बीएसएनएल टावरों को लेकर अनुषांगिक कंपनी बनाना, ब्राडबैंड को लेकर ब्राडबेंड निगम लिमिटेड कंपनी बनाना निजीकरण की दिश ा में बढ़ते कदम हैं.
उन्होंने कहा कि टावरों को लेकर कंपनी बनाने के बाद वहां टावरों के रख रखाव और मरम्मत कार्य से जुडे कर्मियों को हटाया जायेगा और जिन निजी हाथों में टावरों को दिया जायेगा, वे अपनी सुविधा से कर्मी रखेंगे. इसके बाद बीएसएनएल को अपने ही टावरों को उपयोग के लिए निजी कंपनी को किराया देना होगा जो बीएसएनएल के लिए एक अतिरिक्त खर्च होगा.
उन्होंने कहा लगातार घाटे में चल रहे बीएसएनएल की आर्थिक स्थिति में पिछले दो वित्त वर्षो में कुछ सुधार हुआ है. वित्त वर्ष 2014-15 में कंपनी को 672 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2015-16 में 338 करोड़ रूपये का लाभ हुआ है. रामाधार सिंह तथा सुतपा राय ने इसका नेतृत्व किया.