इन दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने 28 मई की रात वे अपने साथी तपन नंदी के साथ साउथ पोर्ट थाना पहुंची, तो महिला पुलिस कर्मी नहीं होने की बात बतायी गयी. थाने में पुलिस कर्मियों का व्यवहार भी काफी बुरा था. इनको मेडिकल जांच के लिए एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया जहां बिना किसी रक्त परीक्षण के ही उन्हें शराबी अवस्था में बताया और विरोध करने पर पुलिस इनको धमकी दी.
उनका फोन भी छिन लिया गया. इसके बाद 29-30 जून को उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया और 30 मई से 8 जून तक वे न्यायिक हिरासत में रहे. इस मामले में कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (3) सुप्रतीम सरकार ने कहा कि थाने में दर्ज एफआइआर की जांच हो रही है. जांच के दौरान सबूत के आधार पर कार्रवाई होगी.