स्कूलों में कर दी गयी छुट्टी
रायगंज : रायगंज में गत 14 जुलाई को आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान मचे तांडव के खौफ से शहरवासी अब भी उबर नहीं पाये हैं. मंगलवार को आदिवासियों के हमला करने की अफवाह फैलायी गयी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गयी. इस अफवाह के कारण शहर में मंगलवार को बंद का नजारा […]
रायगंज : रायगंज में गत 14 जुलाई को आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान मचे तांडव के खौफ से शहरवासी अब भी उबर नहीं पाये हैं. मंगलवार को आदिवासियों के हमला करने की अफवाह फैलायी गयी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गयी. इस अफवाह के कारण शहर में मंगलवार को बंद का नजारा देखने को मिला. सुबह बाजार खुले होने के बावजूद अचानक आदिवासियों के हमला करने की अफवाह से भयभीत होकर दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर लगा दिये.
सिलीगुड़ी मोड़ से कसबा तक लगभग सभी दुकानों में ताला झूलते देखा गया. दुकान, बाजारों के अलवा स्कूल-कॉलेज समेत अधिकांश शैक्षिक संस्थान बंद रहे. आदिवासियों के रायगंज पहुंचने की खबर फैलते ही निजी बस स्टैंड से सभी बस गायब हो गयीं. सड़क पर एक भी निजी बस नहीं चली. सुबह से दोपहर तक रायगंज सरकारी बस स्टैंड से उत्तर बंगाल राष्ट्रीय परिवहन निगम की बसें चलीं, लेकिन दोपहर बाद सभी सरकारी बस भी गायब हो गयीं.
एक तरह से रायगंज में आज अघोषित बंद का पालन किया गया. निजी स्कूलों में भी एक पीरियड के बाद छुट्टी दे दी गयी. स्कूल की ओर से अभिभावकों को बुला कर बच्चों को घर भेजने की व्यवस्था की गयी.सुरक्षा के मद्देनजर रायगंज थाना के सामने जल कमान तैनात किया गया. सुबह साढ़े आठ बजे के अंदर रायगंज थाना में पुलिस सुपर, अतिरिक्त पुलिस सुपर समेत कई पुलिस अधिकारी हाजिर हो गये. पूरा शहर छावनी में बदल दिया गया था. रैफ से लेकर कमबैट फोर्स सड़क पर उतारी गयी.
उत्तर दिनाजपुर के पुलिस सुपर श्याम सिंह ने बताया कि आदिवासियों के विरोध प्रदर्शन की खबर आयी थी. इसके तहत सतर्कता बरती गयी.