सरकारी कर्मियों की सूचना होगी सार्वजनिक

कोलकाता: जल्दी ही प्रत्येक सरकारी कर्मचारी के बारे में सारी सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध होगी. इसमें केंद्र व राज्य दोनों के कर्मचारी शामिल होगें. यह कार्य सर्विस रिकॉर्ड ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) के तहत किया जा रहा है. शुक्रवार को बंगाल नेशनल चेंबर ऑफ कामर्स में आयोजित इ-गवर्नेंस एंड यंग इंडिया कार्यक्रम में राज्य […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 29, 2017 8:40 AM
कोलकाता: जल्दी ही प्रत्येक सरकारी कर्मचारी के बारे में सारी सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध होगी. इसमें केंद्र व राज्य दोनों के कर्मचारी शामिल होगें. यह कार्य सर्विस रिकॉर्ड ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) के तहत किया जा रहा है. शुक्रवार को बंगाल नेशनल चेंबर ऑफ कामर्स में आयोजित इ-गवर्नेंस एंड यंग इंडिया कार्यक्रम में राज्य के गृह व पहाड़ी मामलों के संयुक्त सचिव आइएएस प्रियातु मंडल ने ये बातें कहीं. वह ब्रिटिश काउंसिल की ओर से चिवेनिंग एलुम्नाई इंडिया लेक्चर में बोल रहे थे. उन्होंने बताया कि इसके लिए भारत सरकार की ओर से स्टेट डाटा सेंटर प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है.
इ- ऑफिस साफ्टवेयर के माध्यम से सभी सरकारी कार्यालयों को जोड़ने का काम भी चल रहा है. भारत की सभी ग्राम पंचायतों को वर्ष 2019 तक इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ दिया जायेगा. श्री मंडल ने कहा कि लोगों को सरकार की ओर से दी जा रही इ-सर्विस के बारे में जानकारी कम है.

वर्तमान में 100 से भी अधिक ऐप हैं और हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उमंग ऐप लांच किया है, जिसमें एक साथ सरकार के सारे ऐप शामिल हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से भारत के सभी थानों को एक नेटवर्क से जोड़ने के लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है जिसमें अपराध व अपराधी के सारे रिकार्डों का आदान-प्रदान तीव्र गति से संभव होगा. उन्होंने कार्यक्रम में लोगों काे ऐप के बारे में बताया जिसमें जमीन से लेकर जन्म तिथि तक के सारे महत्वपूर्ण कागजातों को एकसाथ डिजिटल रूप में रखा जा सकता है. वर्तमान में 1.87 करोड़ लोग इसका उपयोग कर रहे हैं. इस अवसर पर कार्यकारी ब्रिटिश डिप्टी हाइ कमिश्नर शाहिदा खान ने चिवेनिंग स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दी.