विधानसभा में सरकार के खिलाफ बंट गया विपक्ष

कोलकाता: राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस व वाम मोरचा के बीच पड़ी दरार दिनों-दिन और गहरी होती जा रही है. हालांकि राज्यसभा चुनाव के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान व वाम मोरचा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने तृणमूल सरकार के खिलाफ सदन में एकजुट होकर विरोध करने की घोषणा की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 9, 2017 9:40 AM
कोलकाता: राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस व वाम मोरचा के बीच पड़ी दरार दिनों-दिन और गहरी होती जा रही है. हालांकि राज्यसभा चुनाव के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान व वाम मोरचा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने तृणमूल सरकार के खिलाफ सदन में एकजुट होकर विरोध करने की घोषणा की थी. लेकिन मंगलवार को दार्जिलिंग मुद्दे पर विधानसभा में विपक्ष विभाजित दिखी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को विधानसभा में दार्जिलिंग के हालात पर बयान दिया.
सिलीगुड़ी के मेयर व माकपा के विधायक अशोक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि सुश्री बनर्जी ने भाषा का मुद्दा उठा कर दार्जिलिंग जैसे बेजान मुद्दे को मुद्दा बना दिया है. दार्जिलिंग की वर्तमान स्थिति के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व केंद्र सरकार दोनों ही जिम्मेदार हैं.
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि माकपा जैसे राजनीतिक दल दार्जिलिंग पर बयानबाजी कर उकसा रहे हैं. माकपा अपने राजनीतिक हित के लिए ऐसा कर रही है, क्योंकि अशोक भट्टाचार्य जानते हैं कि उन्हें यदि फिर जीतना है, तो गोरखा जनमुक्ति मोरचा का समर्थन लगेगा. वे खुले पानी में मछली पकड़ना चाहते हैं. मुख्यमंत्री के बयान से क्षुब्ध होकर वाम मोरचा के विधायक विधानसभा की कार्यवाही से वाकआउट कर गये. लेकिन कांग्रेस के विधायक विधानसभा में ही बने रहे.

कांग्रेस के विधायक शंकर मालाकार नेे दार्जिलिंग मसले पर वक्तव्य रखते हुए कहा कि दार्जिलिंग राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे से जुड़ा हुआ है. इस मामले पर किसी को राजनीतिक दोष देने का समय नहीं है. पहाड़ की वर्तमान स्थिति से लोगों की असुविधा हो रही है. पहाड़ में जली राजनीतिक आग काबू से बाहर हो गयी है. उन्होंने कहा कि 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी व तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने दार्जिलिंग मसले का समाधान किया था. अब फिर समय है कि सभी राजनीतिक दल इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठाये. दार्जिलिंग बंगाल का हिस्सा है और राज्य को किसी भी कीमत पर बंटने नहीं देंगे. मुख्यमंंत्री ने श्री मालाकार के बयान की सराहना की.