कुछ कागजात भी उनसे मांगे गये हैं, जांच के सिलसिले में वह मददगार होंगे. मदन मित्रा के बैंक अकाउंट की जानकारी भी मांगी गयी है. मांगे गये कुछ कागजात उन्हें मिल गये हैं, जल्द बाकी कागजात उन्हें उपलब्ध कराने को कहा गया है. पूरे कागजात की जांच के बाद अगली कार्रवाई होगी. ज्ञात हो कि नारद स्टिंग कांड में इसके पहले केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआइ की टीम मदन मित्रा से पूछताछ कर चुकी है. वहां भी उनका बयान रिकार्ड किया गया था.
वह एक घंटे तक उन्होंने घूम कर परिदर्शन किया. नारद कांड में जो वीडियो फुटेज सामने आया है उससे जगह का मिलान किया. फुटेज के साथ वास्तविकता में कितनी समानता है इसकी जांच की गयी. जांच के तहत कार्यालय के विभिन्न स्थानों की तस्वीर तथा फुटेज अधिकारियों ने लिया. हालांकि उस वक्त न तो शुभेंदु अधिकारी और न ही दिव्येंदु अधिकारी ही वहां मौजूद थे. सीबीआइ अधिकारी रणजीत कुमार ने कहा कि मंत्री के न होने की वजह से घटना का दोबारा रूपांतरण संभव नहीं हो सका. संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि फुटेज की जगहों के मिलान के लिए ही यह अभियान किया गया. वह फुटेज की जगह की शिनाख्त करने में सक्षम रहे. बाकी पूरी रिपोर्ट वह दफ्तर में जमा करेंगे. सीबीआइ के अभियान के संबंध में दिव्येंदु अधिकारी ने कहा कि उनके ऑफिस का दरवाजा सभी के लिए खुला है. नारद कांड में सीबीआइ को सभी किस्म की सहायता का वादा किया गया है.