आउटडोर में इलाज के बाद दवा देकर चिकित्सकों ने उन्हें छोड़ दिया. इसके बाद मां की इच्छा पर वह नोमिता को लेकर जांच के लिए अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग पहुंचा. नोमिता को छाती में दर्द की शिकातय थी. आउटडोर में चिकित्सा के बाद चिकित्सकों ने नोमिता को अस्पताल में दाखिल होने को कहा. इसके लिए उन्हें 11 तारिख को आउडोर में बुलाया गया. अस्पताल में भरती कराये जाने के बाद 13 दिसंबर को नोमिता की एंजियोग्राफी हुई. विभागाध्यक्ष डॉ एसपी मंडल की देखरेख में मरीज का एंजियोग्राफी किया गया.
जांच के बाद बताया गया कि मरीज के हर्ट में ब्लॉकेज नहीं है, लेकिन उसे ओटी से लगभग तीन घंटे बाद निकाला गया. मरीज के परिजनों को बताया गया कि एंजियोग्राफी के लिए हर्ट में भेजेजाने वाले चिकित्सकीय उपकरण की वजह से मरीज की आर्टरी फट गयी है और अब ऑपरेशन करना होगा. अस्पताल के कार्डियो वैसकुलर (सीटीवीएस) विभाग में मरीज की सर्जरी हुई. सर्जरी के बाद मरीज को पीजी के आइसीयू विभाग में वेंटिलेशन पर रख दिया गया जहां गुरुवार को सुबह 10.30 बजे उसकी मौत हो गयी. मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने भवानीपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी है.