आरएसएस ने तेज की अपनी गतिविधि
पथ संचालन का उद्देश्य स्वयंसेवकों में उत्साह भरना : संघ कोलकाता : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से रविवार को दहीघाट से भूकैलाश मैदान तक पथ संचालन (रैली) किया गया. इसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए. सभी रविवार सुबह आठ बजे दहीघाट के पास एकत्रित हुए. कइयों के हाथों में लाठियां भी थीं. […]
पथ संचालन का उद्देश्य स्वयंसेवकों में उत्साह भरना : संघ
कोलकाता : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से रविवार को दहीघाट से भूकैलाश मैदान तक पथ संचालन (रैली) किया गया. इसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए. सभी रविवार सुबह आठ बजे दहीघाट के पास एकत्रित हुए. कइयों के हाथों में लाठियां भी थीं. स्वयंसेवकों का एक दल बैंड-बाजा के साथ पहुंचा.
पथ संचालन दहीघाट से शुरू होकर गार्डेनरीच रोड, मुंशीगंज रोड, नित्या घोष स्ट्रीट, कवितीर्थ सरणी, माइकल मधुसूदन सरणी, मोहनचांद रोड, हेमचंद्र रोड, रामनाथ पॉल रोड, कार्ल मार्क्स सरणी, भूकैलाश रोड, ड्राइवर क्वार्टर रोड, इस्ट यार्ड रोड होते हुए भूकैलाश मैदान के पास समाप्त हुआ.
इस रैली में ललित तोदी, आदित्य केडिया, प्रवीर मुखर्जी, सुदीप तिवारी, राजीव शरण, राकेश सिंह, अनूप सिंह, वीर बहादुर सिंह, रतन सिंह, बबलू साव, प्रदीप कुमार साव, कमलेश यादव, अभिषेक मिश्रा, संदीप सिंह आदि शामिल हुए.आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि पथ संचालन का उद्देश्य स्वयंसेवकों में उत्साह का संचार करना है तथा उन्हें समाजसेवा सहित अन्य कार्यों से जोड़े रखना है.
हालांकि देश के अन्य राज्यों में जनवरी माह में पथ संचालन का आयोजन किया जाता रहा है.लेकिन पश्चिम बंगाल में इस वर्ष पथ संचालन का कार्यक्रम दुर्गापूजा के समय होता था, लेकिन इस वर्ष स्वामी विवेकानंद की 150वीं जन्मशती के कारण पथ संचालन का कार्यक्रम जनवरी में रखा गया है तथा राज्य के विभिन्न इलाकों में इस तरह का पथ संचालन का आयोजन किया जा रहा है.
पथ संचालन के माध्यम से आरएसएस न केवल अपनी शक्ति को बढ़ाना चाहता है, बल्कि इसका अपना प्रचार-प्रसार का भी लक्ष्य है. आरएसएस ने पश्चिम बंगाल में अपनी गतिविधियां तेज की है.
