कोलकाता : 10 वर्ष में बंद हो गये 20 प्राथमिक स्कूल

कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्कूलों की दशा बेहद खराब है. यहां करीब एक दशक में 20 से ज्यादा स्कूल बंद हो चुके हैं. कई स्कूलों की स्थिति दयनीय है. फिलहाल यहां करीब 200 प्राथमिक विद्यालय हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 17, 2018 2:31 AM

कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के नोआपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्कूलों की दशा बेहद खराब है. यहां करीब एक दशक में 20 से ज्यादा स्कूल बंद हो चुके हैं. कई स्कूलों की स्थिति दयनीय है. फिलहाल यहां करीब 200 प्राथमिक विद्यालय हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की लापरवाही, स्कूलों की स्थिति का जायजा नहीं लेने, स्कूलों पर स्थानीय क्लबों का कब्जा, छात्रों के अभाव में दो स्कूल को मर्ज करना आदि समस्याओं के कारण ही स्कूलों की संख्या कम होती जा रही है.

इसके बावजूद सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है. इस मामले में शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बंद स्कूलों को खोलने के लिए स्थानीय शिक्षा विभाग तो अपना काम कर रहा है. लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की उदासीनता के कारण स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है.

बता दें कि बैरकपुर के इच्छापुुर सर्किल में 57 से 60 प्राइमरी स्कूल थे. अब इनकी संख्या घटकर 50 से 52 हो गयी है. अधिकारियों का कहना है कि उक्त सर्किल में सिर्फ पांच स्कूल ही बंद हुए हैं, जबकि स्थानीय लोग बता रहे हैं कि दर्जनों स्कूल बंद हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि हरेक साल एक से दो प्राथमिक स्कूल बंद हो रहे हैं. अब तक नोआपाड़ा क्षेत्र में 20 से ज्यादा स्कूल बंद हो गए हैं और कई बंद होने के कगार पर हैं.

डिस्ट्रिक्ट लिटरेसी कमेटी के पूर्व महासचिव अरूप रत्न दासगुप्ता ने बताया कि दस साल पहले जिले में स्कूलों की हमेशा मॉनिटरिंग होती थी, लेकिन कुछ सालों में शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा कमेटी ने मॉनीटरिंग में ढिलाई कर दी है. इस कारण एक के बाद एक कई प्राइमरी बंद हो गये.
कई स्कूलों की स्थिति दयनीय बनी हुई है
एक नजर
वर्तमान में कुल आबादी : लगभग 3.5 लाख
कुल प्राइमरी स्कूल : लगभग 200
बदहाल प्राइमरी स्कूल : 40 से ज्यादा
बंद प्राइमरी स्कूल : 20 से ज्यादा
तृणमूल सरकार की उदासीनता के कारण ही अधिकतर स्कूल की हालत खराब हो गयी. बच्चों की कमी और प्रशासन की अनदेखी की वजह से स्कूल बंद होते गये. बच्चों के भविष्य के लिए जिला भाजपा आंदोलन करेगी. शिक्षा का स्तर भी सुधारने की जरूरत है.
संदीप बनर्जी, भाजपा नेता, नोआपाड़ा
बंद स्कूल खोले जायेंगे. फिलहाल मुझे यह जानकारी नहीं हैं कि कहां, कितने स्कूल बंद हुए हैं. लेकिन जिन इलाकों में स्कूल की जरूरत है, वहां जल्द ही स्कूल खोले जायेंगे. अधिकतर लोग बच्चों को अंग्रेजी मीडियम या प्राइवेट स्कूल पढ़ाते हैं. इसलिए जरूरतमंत इलाकों में ही स्कूल खोले जायेंगे.
सुनील सिंह, विधायक, नोआपाड़ा