कोलकाता : ममता कांग्रेस के बिना, क्षेत्रीय दलों का मोर्चा बनाने के पक्ष में, सोनिया की तबीयत खराब, ममता नहीं मिल पायीं

नयी दिल्ली/कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए आज कांग्रेस के बिना, क्षेत्रीय दलों का एक संघीय मोर्चा बनाने की वकालत की ताकि राज्यों में ‘सीधा मुकाबला’ हो. अपनी इसी कोशिश के तहत ममता ने मंगलवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार समेत […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 28, 2018 6:05 AM
नयी दिल्ली/कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए आज कांग्रेस के बिना, क्षेत्रीय दलों का एक संघीय मोर्चा बनाने की वकालत की ताकि राज्यों में ‘सीधा मुकाबला’ हो. अपनी इसी कोशिश के तहत ममता ने मंगलवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार समेत विभिन्न दलों के नेताओं से भी मुलाकात की.
शरद पवार ने पूर्व में विपक्षी दलों के साथ रात्रि भोज के बाद बैठक तय होने की बात से इनकार किया था. श्री पवार से पूछा गया था कि क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ रात्रि भोज के दौरान बैठक है. तब राकांपा नेता का जवाब था : न कोई रात्रि भोज है और न ही कोई बैठक है. राकांपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ममता ने भाजपा को पराजित करने के लिए कांग्रेस को शामिल किये बिना एक संघीय मोर्चा बनाने के पक्ष में राय जाहिर की.
उन्होंने कहा : ममता ने कहा कि विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए एक गैर कांग्रेसी संघीय मोर्चा बनाया जाना चाहिए. उन्हें लगता है कि अगर कांग्रेस विपक्षी मोर्चा का हिस्सा बनेगी, तो बीजद, तेदेपा जैसे कई दल गठबंधन में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने राकांपा नेता से अन्य विपक्षी दलों के विचार जानने के लिए उनसे बात करने का अनुरोध भी किया.
बाद में राकांपा नेता प्रफुल पटेल ने बैठक के बारे में संवाददाताओं को बताया कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भाजपा से निपटने के लिए विपक्षी दलों के बीच ‘अधिकतम एकता’ होनी चाहिए. बहरहाल, नेताओं ने इस बात पर विचार किया कि विपक्षी एकता की संभावना अधिकतम होनी चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश में हमने यह देखा है जहां बसपा और सपा ने मिलजुलकर काम शुरू किया. महत्वपूर्ण बात यह है कि विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक मतभेद दूर किए जाने चाहिए.
कोलकाता : सोनिया की तबीयत खराब, ममता नहीं मिल पायीं
नयी दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा मंगलवार को राजधानी में राकांपा एवं शिवसेना सहित कई गैर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करने के बीच कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उनकी मुलाकात तय थी किंतु सोनिया की तबीयत खराब होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो पायी. इस बारे में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कांग्रेस के प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने संवाददाताओं से कहा : वह (ममता) संसद में किससे मिलीं और किससे नहीं मिलीं, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. किंतु ममता की संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात तय थी. सोनिया की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. श्री सिंह ने कहा : उन्होंने (ममता ने) कहा है कि जब सोनिया की तबीयत ठीक होगी तो उनसे मुलाकात करेंगी.
ऋतव्रत व प्रदीप ने की ममता से मुलाकात
कोलकाता : माकपा से निष्कासित सांसद ऋतव्रत बंद्योपाध्याय व कांग्रेस के राज्यसभा के सांसद प्रदीप भट्टाचार्य ने दिल्ली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की. राजनीतिक हलकों में यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हाल में राज्यसभा चुनाव के दौरान प्रदीप भट्टाचार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी.

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