844 में से सिर्फ चार ने डाला वोट

कोलकाता: भीषण गरमी के बीच इलाके से तीन किलोमीटर दूर मतदान केंद्र स्थानांतरित कर देने के कारण इलाके के 840 लोगों ने सोमवार को वोट का बहिष्कार किया. घटना टीटागढ़ इलाके के ग्लास कल इलाके की है. ... सोमवार सुबह से ही इलाके के लोग अपने दिनचर्या के कार्यो में व्यस्त दिखे. इस इलाके के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 13, 2014 8:19 AM

कोलकाता: भीषण गरमी के बीच इलाके से तीन किलोमीटर दूर मतदान केंद्र स्थानांतरित कर देने के कारण इलाके के 840 लोगों ने सोमवार को वोट का बहिष्कार किया. घटना टीटागढ़ इलाके के ग्लास कल इलाके की है.

सोमवार सुबह से ही इलाके के लोग अपने दिनचर्या के कार्यो में व्यस्त दिखे. इस इलाके के लोगों के लिए इलाके से तीन किलोमीटर दूर जहां नया मतदान केंद्र बनाया गया था, वहां सन्नाटा पसरा रहा. वहां मतदान केंद्र तो दिखा, उसके अंदर चुनावकर्मी भी मतदाताओं का इंतजार करते दिखे, लेकिन मतदाता वहां नहीं पहुंचे. मतदान केंद्र पर तैनात चुनाव आयोग के कर्मियों ने बताया कि यहां पुरुष व महिलाओं को मिला कर कुल 844 मतदाता हैं, जिनमें से सिर्फ चार ने मतदाताओं ने सोमवार को आकर मतदान किया. मतदान करनेवालों में एक महिला व तीन पुरुष थे. अन्य 840 मतदाताओं ने यहां मतदान का बहिष्कार किया.

चुनाव आयोग के कर्मियों के मुताबिक सुबह छह बजे से मतदान सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए दो दिन पहले से सारा इंतजाम किया था, लेकिन बूथ बदले जाने के कारण मतदाताओं के नहीं आने के कारण केंद्र में दिन भर बैठे-बैठे ही वे ऊब गये. इस इलाके में वोट नहीं देने वाले वोटरों के लिए उनके पुराने इलाके में दोबारा वोटिंग करने के बारे में उन्होंने कहा कि अब तक चुनाव आयोग के तरफ से इस तरह का निर्देश उन्हें नहीं मिला है.

इस बारे में अंतिम फैसला चुनाव आयोग के हाथ में है. समस्या को लेकर इलाके के एक वोटर मनोज साव ने बताया कि इलाके में मतदान की शुरुआत के साथ हीं यहां के लोग शास्त्री विद्यालय में वार्ड 10 के अंतर्गत 186 नंबर बूथ में वोट देते थे. इस बार चुनाव में इस इलाके के लोगों का बूथ बदल कर वार्ड 12 में चौधरी पाड़ा के इकबाल प्राइमरी विद्यालय में बनाया गया, जो इलाके से लगभग तीन किलोमीटर दूर है. इसके कारण इस भीषण गर्मी में वोट देने जाने और आने में कुल छह किलोमीटर उन्हें चलना होगा. उनका आरोप है कि बूथ बदलने के इस फैसले के खिलाफ चुनाव आयोग के पास शिकायत भी की गयी, उनकी समस्या को हल करने का जवाब भी मिला, लेकिन वोट के दिन वही हुआ, जो पहले से तय था. पुराने बूथ में ताला लटका कर उन्हें तीन किलोमीटर दूर नये बूथ में जाने को कहा गया. पूरी घटना की जानकारी आयोग को देकर हस्तक्षेप की मांग की गयी है.