सतर्क किये गये जेल अधीक्षक

कोलकाता : महानगर के प्रेसिडेंसी जेल के अंदर प्रभावशाली कैदियों का प्रभाव इन दिनों काफी बढ़ गया है. जेल के अंदर अपने वार्ड में खुद का किचन तैयार कर वहां लजीज व्यंजन तैयार करने से लेकर अपने वार्ड में मच्छरदानी लगाने का भी आरोप कैदियों पर लगा है. हाल ही में प्रेसिडेंसी जेल के अंदर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 11, 2018 4:20 AM
कोलकाता : महानगर के प्रेसिडेंसी जेल के अंदर प्रभावशाली कैदियों का प्रभाव इन दिनों काफी बढ़ गया है. जेल के अंदर अपने वार्ड में खुद का किचन तैयार कर वहां लजीज व्यंजन तैयार करने से लेकर अपने वार्ड में मच्छरदानी लगाने का भी आरोप कैदियों पर लगा है. हाल ही में प्रेसिडेंसी जेल के अंदर औचक निरीक्षण करने के बाद एआइजी विप्लव दासगुप्ता व डीआइजी विप्लव दास ने एक रिपोर्ट डीजी (कारागार) अरूण गुप्ता को दी. जिसके बाद प्रेसिडेंसी जेल के अधीक्षक सुभब्रत चटर्जी को चेतावनी देकर सात दिनों के अंदर जेल के अंदर स्थिति सामान्य करने का निर्देश दिया गया है.
क्या था मामला : जेल सूत्रों के मुताबिक प्रेसिडेंसी जेल में गत कुछ दिनों से कैदियों की मनमानी की रिपोर्ट आ रही थी. बताया गया था कि जेल के अंदर कैदी कंविक्ट वार्ड, किशोर भवन, 17,18,19 नंबर वार्ड के आसपास ईंट व मिट्टी की मदद से अस्थायी चुल्हा बनाकर किचन तैयार कर चुके हैं. वे अपने मन पसंद खाना वहां बनाते हैं.
जेल की कैंटीन में आने वाले सामान की मदद से वे अपनी खाद्य सामग्री भी बाहर से मंगवा लेते हैं. यही नहीं जेल के अंदर कुछ प्रभावशाली कैदी अपने वार्ड में मच्छरदानी मंगवाकर उसका इस्तेमाल सोने में करते हैं. जेल के अंदर अधिकतर वार्ड में यह नजारा देखा जा रहा था.
औचक निरीक्षण में वरिष्ठ अधिकारियों को भी दिखा नजारा : जेल सूत्रों के मुताबिक इस तरह की जानकारी मिलने के बाद जेल के अधिकारियों एआइजी विप्लव दासगुप्ता व डीआइजी विप्लव दास भी चकित रह गये.
इसके बाद अपनी एक अलग रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के बाद डीआइजी ने प्रेसिडेंसी जेल के अधीक्षक को विभिन्न वार्डों में तैयार अस्थायी किचन को बंद करवाने व सभी कैदियों को जेल प्रबंधन की तरफ से मिलने वाली सामान्य सुविधा के अलावा एक भी अतिरिक्त सुविधा नहीं देने का निर्देश दिया है. उनके निर्देश पर क्या कार्रवाई हुई, सात दिनों के अंदर इसका भी जवाब देने का निर्देश दिया गया है.