कोलकाता : भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मेरी छवि खराब करने का हो रहा है घृणित प्रयास : मुकुल राय

कोलकाता : एक राष्ट्रीय स्तर के मीडिया में भाजपा नेता मुकुल राय द्वारा घर वापसी का कयास लगाये जाने की खबर को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए मुकुल राय ने कहा कि उनका तृणमूल कांग्रेस में वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता. इस तरह की अफवाह फैला कर मेरी छवि को खराब […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 2, 2018 6:57 AM
कोलकाता : एक राष्ट्रीय स्तर के मीडिया में भाजपा नेता मुकुल राय द्वारा घर वापसी का कयास लगाये जाने की खबर को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए मुकुल राय ने कहा कि उनका तृणमूल कांग्रेस में वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता. इस तरह की अफवाह फैला कर मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है. भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मेरी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने की गंदी राजनीति की जा रही है.
तृणमूल कांग्रेस के साथ मेरा अब कोई नाता नहीं है और मैं भाजपा की ओर से राज्य को कुशासन व ममता राज से मुक्ति दिलाने की जो लड़ाई चल रही है, उसमें मैं भी एक सिपाही हूं. लिहाजा इस तरह की खबर पर यकीन करने की जरूरत नहीं है.
उल्लेखनीय है कि तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस की सभा में हिस्सा लेने के पहले ही मुकुल राय के पुत्र और तृणमूल कांग्रेस के विधायक शुभ्रांशु राय गंभीर रूप से बीमार हो गये थे. उनको एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
उनको देखने के लिए सांसद अभिषेक बनर्जी पहले अस्पताल गये और बाद में खुद ममता बनर्जी भी उनको देखने अस्पताल पहुंचीं. जिस वक्त ममता बनर्जी अस्पताल पहुंची थीं. उस वक्त मुकुल राय अस्पताल में ही थे. मुकुल का दावा है कि उस दौरान अस्पताल परिसर में ममता बनर्जी के साथ उनकी कोई बात नहीं हुई.
क्योंकि वह जिस वक्त अस्पताल में गयी थीं उस वक्त वह दूसरी तरफ थे. लेकिन अस्पताल में दोनों नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए उक्त मीडिया ने कयास लगाते हुए खबर कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस में लौट सकते हैं मुकुल राय.
हालांकि इस खबर पर तीखी प्रतिक्रिया भाजपा की ओर से जारी की गयी है. भाजपा ने इस मामले में उक्त मीडिया हाउस को नि:शर्त माफी मांगने के लिए 24 घंटा का मुकर्रर किया है.
अगर माफीनामा प्रसारित नहीं होता है तो भाजपा कानून का दरवाजा खटखटाएगी. इस मुद्दे पर भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल राय की छवि खराब करने के पीछे वह अपने पूर्व पार्टी के कुछ नेताओं को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं. उनके मुताबिक इस तरह करके वे लोग भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकना चाहते हैं. हालांकि उन लोगों का प्रयास सफल नहीं होगा.