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कोलकाता : विसर्जन के लिए घाटों पर सुरक्षा बढ़ी

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घाटों पर कोलकाता पुलिस व नगर निगम के कर्मचारी रहेंगे तैनात शुक्रवार को 2000 प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन कोलकाता : विसर्जन की घड़ी में लोग भारी मन से देवी दुर्गा, लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती और कार्तित की प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित कर रहे हैं. विसर्जन के इस अवसर पर कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पुलिस […]

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घाटों पर कोलकाता पुलिस व नगर निगम के कर्मचारी रहेंगे तैनात
शुक्रवार को 2000 प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन
कोलकाता : विसर्जन की घड़ी में लोग भारी मन से देवी दुर्गा, लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती और कार्तित की प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित कर रहे हैं. विसर्जन के इस अवसर पर कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पुलिस की ओर से सभी 23 घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. बता दें कि बाबूघाट, नीमतल्ला घाट, दही घाट, बाजे कदमतल्ला, जजेस घाट समेत महानगर अन्य घाटों पर प्रतिमाओं का विसर्जन चल रहा है.
लखी पूजा के एक दिन पहले तक इन घाटों पर प्रतिमाओं का विर्सजन होगा. सबसे अधिक विसर्जन बाबू घाट, बाजे कदमतल्ला और जजेस घाट पर किया जाता है. ऐसे में इन घाटों पर निगम के पार्क एंड स्क्वायर विभाग के कर्मियों को सचेत रहने को कहा गया है.
विसर्जन के बाद प्रतिमा के ढांचे को नदी से बाहर निकालने के लिए जेसीबी मशीन की व्यवस्था की गयी है. इस विषय में निगम के मेयर परिषद सदस्य (पार्क एंड स्क्वायर) देवाशीष कुमार ने बताया कि शुक्रवार को महानगर में करीब दो हजार प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया. शनिवार शाम तक 200 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया.
वहीं पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5000 होमगार्ड के जवान महानगर के सभी 23 गंगा घाटों पर तैनात किये गये हैं. इसके अलावा 1200 से अधिक कोलकाता पुलिस के जवान महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में विसर्जन के लिए निकलनेवाली प्रतिमाओं के साथ रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न घटे.
पुलिसकर्मियों के अलावा गंगा नदी के बीच में कोलकाता पुलिस रिवर पेट्रोलिंग टीम, गोताखोर दस्ता और आपदा प्रबंधन की टीम भी तैनात रहेगी, जो गंगा घाटों पर किसी तरह की आपातकालीन परिस्थिति में सहायता करेगी. जानकारी के अनुसार, 22 अक्तूबर तक कोलकाता के प्राय: सभी पूजा पंडालों की मूर्तियों का विसर्जन कर दिया जायेगा. केवल 74 पूजा प्रतिमाएं बच जायेंगी, जिन्हें 23 अक्तूबर को रेड रोड पर आयोजित होनेवाली शोभायात्रा में शामिल किया जायेगाा. इसी दिन उनका विसर्जन भी होगा.
हुगली. दशमी के दिन अनंत श्री विभूषित जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा कोन्नगर में स्थापित श्री राजराजेश्वरी सेवा मठ में जवांकुर विसर्जन के साथ ही नवरात्र व्रत का समापन किया गया. जवांकुर विसर्जन के लिए भारी संख्या में महिलाएं मंदिर परिसर में पहुंचीं. पूजा के कलश और जवांकुर के पात्र को लेकर मंदिर से कोन्नगर 12 मंदिर के निकट गंगा नदी के साधु घाट पर तक पदयात्रा की गयी.
यहां मंदिर के मुख्य प्रभारी सच्चित स्वरूप जी और वैदिक विद्वानों ने विधिवत वैदिक मंत्रोचार के साथ जवांकुर का नदी तट पर पूजन व आरती करने के तत्पश्चात विसर्जन किया. कलश के पावन जल को मां ललिताम्बा के सेवकों व सभी सनातन धर्मियों पर छिड़काव करने के पश्चात धुले हुए जवांकुरों को प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया और दशहरा की शुभकामनाएं दी गयीं.
मंदिर में मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर से पधारे पूज्य शंकराचार्य जी के शिष्य सुरेश अवस्थी व उप प्रभारी श्रीधर शास्त्री उर्फ संजू भैया ने सभी के स्वस्थ रहने की मंगलकामनाएं की. इस दौरान अभिराम झा, मीता खेतान सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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