नकली नोटों के नेटवर्क का पर्दाफाश, बंगाल से गुजरात तक फैला था धंधा

अहमदाबाद :गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते ने शुक्रवार को नकली नोट गुजरात के बाजार में पहुंचाने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 1.52 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किये हैं. नकली नोट के साथ एक आरोपी को भी जूनागढ़ से गिरफ्तार किया गया है. ये नकली नोट पश्चिम बंगाल के मालदा से ले जाये […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 21, 2018 9:37 AM
अहमदाबाद :गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते ने शुक्रवार को नकली नोट गुजरात के बाजार में पहुंचाने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 1.52 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किये हैं. नकली नोट के साथ एक आरोपी को भी जूनागढ़ से गिरफ्तार किया गया है.
ये नकली नोट पश्चिम बंगाल के मालदा से ले जाये गये थे. जब्त किये गये ज्यादातर नकली नोट नोटबंदी के बाद नये जारी किये गये दो हजार के दर के और पांच सौ रुपये के हैं. इनकी गुणवत्ता भी काफी बेहतर बतायी जा रही है. इसे जल्द पहचानना मुश्किल है. इस गिरोह के मुख्य सरगना की भी पहचान कर ली गयी है. एटीएस की टीमें उसे भी पकड़ने को दबिश दे रही हैं. एटीएस के अनुसार, एनआइए की ओर से सूचना मिली थी कि गुजरात में पश्चिम बंगाल से नकली नोट पहुंचाये जा रहे हैं.
सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एटीएस ने जूनागढ़ के मधुरम सोसायटी इलाके से गुजरात में नकली नोट पहुंचाने वाले डीलर संजय देवलिया को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से दो हजार के 54 नकली नोट और नये पांच सौ के 92 नकली नोट बरामद किये गये.
एटीएस की ओर से इन नकली नोटों की करायी गयी जांच के दौरान प्राथमिक तौर पर सामने आया कि नोट में उच्च गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखा गया है. ताकि उसे जल्द न पहचाना जा सके. जिसमें सुरक्षा धागा और वॉटर मार्क भी है. जिससे प्रथम दृष्टया उसे पहचानना मुश्किल है.
नोटबंदी के बाद इस प्रकार की उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की यह गुजरात में पहली बरामदगी है. एटीएस ने एनआइए से सूचना मिलने के बाद दबिश देकर इस नेटवर्क को गुजरात में चलाने वाले आरोपी की भी पहचान कर ली है. संजय देवलिया से पूछताछ में उसने कबूला कि वह इन नकली नोटों को पश्चिम बंगाल से गुजरात लेकर आया था. अब तक इसने कितने रुपये के नकली नोट गुजरात के बाजार में पहुंचाये हैं, इस बारे में उससे पूछताछ की जा रही है.

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