रायदीघी मामले में माकपा नेता गिरफ्तार

कोलकाता: दक्षिण 24 परगना के रायदीघी इलाके में चार तृणमूल कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में पुलिस ने माकपा के एक नेता को गिरफ्तार किया है. उनका नाम विमल भंडारी है. ... वह रायदीघी माकपा जोनल कमेटी के सचिव व जिला माकपा कमेटी के सदस्य हैं. स्थानीय कोतला गांव स्थित उनके घर से पुलिस ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 18, 2014 9:33 AM

कोलकाता: दक्षिण 24 परगना के रायदीघी इलाके में चार तृणमूल कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में पुलिस ने माकपा के एक नेता को गिरफ्तार किया है. उनका नाम विमल भंडारी है.

वह रायदीघी माकपा जोनल कमेटी के सचिव व जिला माकपा कमेटी के सदस्य हैं. स्थानीय कोतला गांव स्थित उनके घर से पुलिस ने उन्हें सोमवार रात गिरफ्तार किया. मामले में अब तक विमल भंडारी समेत पांच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. मामले में 21 लोगों के नाम एफआइआर में दर्ज कराये गये हैं, जिसमें पूर्व मंत्री कांति गांगुली व विमल भंडारी के नाम भी शामिल हैं.

राजनीतिक साजिश : सुजन
वहीं, जिला माकपा सचिव सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि एफआइआर पूरी तरह राजनीतिक उद्देश्य से तैयार किया गया है, इसलिए हमने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन नहीं करने का फैसला किया है. हम पुलिस से आवेदन करते हैं कि केवल एफआइआर में नाम देख कर विपक्षी दलों के नेताओं को गिरफ्तार न करे, बल्कि निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाये.

क्या है मामला
गौरतलब है कि शनिवार को रायदीघी के खारी ग्राम पंचायत के सरस्वतीपाड़ा में दलीय बैठक से वापस लौट रहे तृणमूल कार्यकर्ताओं पर हथियारों से लैस 40-50 लोगों ने हमला किया था. इस घटना में तृणमूल के चार कार्यकर्ताओं की मौत हो गयी थी, जबकि कई घायल हुए थे. घटना के फौरन बाद ही पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था.

पुलिस से नहीं डरते : कांति
जानकारी के अनुसार विमल भंडारी, कांति गांगुली के करीबी हैं. उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ वाम कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने रायदीघी थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया. विमल भंडारी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कांति गांगुली ने कहा कि हमें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है. श्री गांगुली ने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है, तो कर ले, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है. वह पुलिस से नहीं डरते, इसलिए वह अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन नहीं करेंगे.