तृणमूल नेताओं की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट तलब की

विधायक की हत्या की पृष्ठभूमि में सतर्कता... कोलकाता : सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने अपने विधायक सत्यजीत विश्वास की हत्या की पृष्ठभूमि में विधायकों और अहम नेताओं की सुरक्षा को देखते हुए सभी जिलाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी है. विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने के अलावा तृणमूल के जिला नेता चुनावों से पहले पार्टी संगठन के अहम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 16, 2019 1:43 AM

विधायक की हत्या की पृष्ठभूमि में सतर्कता

कोलकाता : सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने अपने विधायक सत्यजीत विश्वास की हत्या की पृष्ठभूमि में विधायकों और अहम नेताओं की सुरक्षा को देखते हुए सभी जिलाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी है.
विधायकों की सुरक्षा बढ़ाने के अलावा तृणमूल के जिला नेता चुनावों से पहले पार्टी संगठन के अहम नेताओं के लिए भी आधिकारिक सुरक्षा चाहते हैं.
वरिष्ठ मंत्री एवं तृणमूल के एक जिला अध्यक्ष ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, हमलोग जिले में विधायकों की सुरक्षा की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. हम लोग संगठन के लिए काम करनेवाले अपने उन अहम नेताओं पर भी अलग से रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जो संभव है कि विधायक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि नहीं हों, लेकिन उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है.
पार्टी नेतृत्व अंत में राज्य प्रशासन एवं पुलिस को यह रिपोर्ट देगा और फिर वे इस पर विचार करेंगे. तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने विधानसभा में कहा कि पार्टी के अधिकतर विधायकों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी है. उन्होंने सुरक्षा का स्तर बढ़ाने या अपनी सुरक्षा का इंतजाम खुद करने की अनुमति देने की अपील की है.
घोष ने कहा, मैं खुद अब अधिक सावधान हो गया हूं और अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए कदम उठा रहा हूं. मैंने विधायकों से भी कहा है कि वे सतर्कता बरतें. नदिया जिले में सरस्वती पूजा पंडाल के अंदर अज्ञात हमलावरों ने कृष्णानगर से तृणमूल विधायक विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
नदिया जिला से तृणमूल अध्यक्ष एवं विधायक गौरी शंकर दत्ता ने कहा कि वह रिपोर्ट तैयार करने के लिए स्थानीय नेताओं के साथ विमर्श कर रहे हैं.
तृणमूल के वरिष्ठ नेता व राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने कहा कि भाजपा जिस तरह से भड़काऊ भाषण दे रही है, उससे आशंका है कि हमारे नेताओं पर ऐसे और हमले हो सकते हैं. भाजपा हमें राजनीतिक रूप से हरा नहीं सकती, इसलिए उन्होंने हमलों का यह तरीका अपनाया है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने हालांकि कहा कि हिंसक हमलों के लिए उनकी पार्टी पर आरोप लगाने के बजाय तृणमूल को पार्टी में अंदरूनी लड़ाई पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाना चाहिए.