चुनाव में बेहिसाब खर्च पर लगाम जरूरी

ममता ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र. पब्लिक फंडिंग के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का प्रस्ताव... कहा : लोकसभा चुनाव में खर्च हुए 60 करोड़ कोलकाता : लोकसभा चुनाव में हुए खर्च को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चिंता जतायी है और कहा है कि अगर ऐसे ही बेहिसाब खर्च होता रहा, तो इससे देश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 26, 2019 4:22 AM

ममता ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र. पब्लिक फंडिंग के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का प्रस्ताव

कहा : लोकसभा चुनाव में खर्च हुए 60 करोड़
कोलकाता : लोकसभा चुनाव में हुए खर्च को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चिंता जतायी है और कहा है कि अगर ऐसे ही बेहिसाब खर्च होता रहा, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान होगा.
इसे तत्काल रोकने जरूरत है. इस बार लोकसभा चुनाव में 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं, जो पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में लगभग दोगुना है. अगर ऐसा ही रहा, तो 2024 के लोकसभा चुनाव में खर्च का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जायेगा. इस विषय पर चिंता जाहिर करते हुए गुरूवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से ममता बनर्जी ने भारत के चुनाव में पब्लिक फंडिंग के मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए कहा है.
पत्र में उन्होंने कहा कि भारत में स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के लिए तत्काल चुनाव सुधार की जरूरत है. इसके अलावा ममता ने राजनीतिक दलों में बढ़ते भ्रष्टाचार और अपराधीकरण की प्रवृत्तियों पर भी प्रधानमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया है. पत्र में ममता ने लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी खर्च को लेकर जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव था. उन्होंने बताया कि साल 2019 में होनेवाला चुनावी खर्च साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान कुल खर्च का दोगुना था.
रिपोर्ट के हवाले से ममता ने कहा कि हालिया चुनाव में कम से कम 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किये गे थे. उन्होंने बताया कि इस खर्च की ऊपरी सीमा अभी भी अज्ञात है. यह और भी ज्यादा हो सकती है. अगर ऐसा ही रहा, तो अगले लोकसभा चुनाव में यह खर्च एक लाख करोड़ के आसपास पहुंच जायेगा.
उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में साल 2016 के प्रेसिडेंशियल और कांग्रेशनल इलेक्शन में भी कुल 6.5 बिलियन का चुनावी खर्च था, जबकि यह आंकड़ा भारत के हालिया लोकसभा इलेक्शन में 8.65 बिलियन था. इस तरह से 2019 का लोकसभा चुनाव दुनिया के सबसे महंगे चुनाव में शामिल हो गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक गंभीर चिंता का विषय है. इस पर विचार करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को सर्वदलीय बैठक बुलाने का प्रस्ताव दिया है.