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तीन तलाक पर गरमायी राजनीति, भाजपा ने सिद्दिकुल्ला को घेरा

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कोलकाता : राज्य के पुस्तकालय विभाग के मंत्री व जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सिद्दिकुल्ला चौधरी के तीन तालाक कानून पर विवादित बयान पर बंगाल की राजनीति गरमा गयी है. भाजपा के नेताओं ने सिद्दिकुल्ला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की भी मांग की है. केंद्रीय महिला एवं बाल […]

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कोलकाता : राज्य के पुस्तकालय विभाग के मंत्री व जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सिद्दिकुल्ला चौधरी के तीन तालाक कानून पर विवादित बयान पर बंगाल की राजनीति गरमा गयी है. भाजपा के नेताओं ने सिद्दिकुल्ला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की भी मांग की है.

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री देवश्री चौधरी ने सिद्दिकुल्ला के विवादित बयान पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट कर कहा कि एक ओर केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं के लिए काम कर रही है.
उनके लिए तीन तलाक कानून पर विधेयक पारित किया गया और राष्ट्रपति ने भी इस विधेयक को मंजूरी दे दी है और अब यह शीघ्र कानून बन जायेगा, तो अब इसे लेकर तृणमूल राजनीति कर रही है, जहां केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर दे रही है, तो वहीं तृणमूल पार्टी इस पर राजनीति कर रही है. तृणमूल के लोग तीन तलाक पर राजनीति कर रहे हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या पश्चिम बंगाल देश से अलग है? कि यहां इस कानून को नहीं माना जायेगा. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी ट्वीट कर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या ममता बनर्जी देश से अलग होना चाहती है? उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के मंत्री सिद्दिकुल्ला चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि बंगाल सरकार संसद द्वारा पारित तीन तलाक कानून को नहीं मानेगी, तो क्या वह बंगाल को देश से अलग करना चाहते हैं?
वहीं आसनसोल से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने भी ट्वीट कर सिद्दिकुल्ला चौधरी के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कानून इसलिए बना है कि मुस्लिम महिलाओं के साथ तीन तलाक के जरिए अत्याचार करनेवाले लोगों को छोड़ा नहीं जायेगा. उन्होंने कहा कि सिद्दिकुल्ला चौधरीजी आप मानसिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करें, कोई बात नहीं है, लेकिन मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के साथ परेशान करके देखें, आप जेल में होंगे. अब यही कानून है.

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