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सीएए के बाद अब जनसंख्या नियंत्रण कानून के पक्ष में आरएसएस-भाजपा

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कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून के बाद अब जनसंख्या नियंत्रण लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा ने जनता में जागरूकता पैदा करने की पहल शुरू की है. फिलहाल यह केवल विचार स्तर पर ही है, लेकिन इसे लेकर आरएसएस और भाजपा में विचार मंथन शुरू हो गया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन […]

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कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून के बाद अब जनसंख्या नियंत्रण लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा ने जनता में जागरूकता पैदा करने की पहल शुरू की है. फिलहाल यह केवल विचार स्तर पर ही है, लेकिन इसे लेकर आरएसएस और भाजपा में विचार मंथन शुरू हो गया है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को मुरादाबाद में आरएसएस के एक कार्यक्रम में इस पर बहस छेड़ दी है. उन्होंने कहा : सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे जनसंख्या पर लगाम लग सके. जनसंख्या नियंत्रण कानून की तत्काल जरूरत है.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में श्री भागवत ने सबसे पहले जनसंख्या नियंत्रण की बात कही थी. दूसरी बार, देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार गठन के बाद पहले कश्मीर से धारा 370 में संशोधन किया गया और धारा 370 हटा दी गयी. राम मंदिर निर्माण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला आया और अयोध्या में राम मंदिर बनाने के संकल्प को गति मिली. उसके बाद देश में लंबे समय से प्रताड़ना की जिंदगी बीता रहे शरणार्थियों के लिए नागरिकता संशोधन कानून लाया.
हालांकि इसे लेकर विरोधी दल लगातार देश में प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन आरएसएस और भाजपा का कहना है कि यह कानून देश हित में है. वोट बैंक को लेकर विपक्षी पार्टियां भ्रम फैला रही हैं, लेकिन लोगों की गलतफहमी शीघ्र ही दूर होगी.
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ लाने के पक्ष में है. अगले लोकसभा के सत्र में इस पर चर्चा होने की संभावना है.
इस बारे में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष से पूछे जाने पर कहा : लगातार बढ़ती जनसंख्या हमारे देश में बहुत बड़ी समस्या है. जनसंख्या पर नियंत्रण होनी ही चाहिए. जिस दर से जनसंख्या बढ़ रही है, उससे सारी योजनाएं फेल हो जाती हैं. देश की विकास योजनाओं को सही से लागू करने के लिए जनसंख्या नियंत्रण आवश्यक है.
सारे देश में जनसंख्या नियंत्रण का कड़ाई से पालन किया जाता है. इसे अपने देश में पालन करना होगा, लेकिन जब हम इसकी बात करते हैं, तो कुछ नेता चिल्लाने लगते हैं, उन्हें वोट बैंक की याद आ जाती है. यदि जनसंख्या नियंत्रण नहीं किया गया, तो सामाजिक व राजनीतिक सभी तरह के बैलेंस बिगड़ जायेंगे.
प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी में फेरबदल की कवायद, हटाये जायेंगे निष्क्रिय नेता
दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में दिलीप घोष लेंगे आज हिस्सा
कार्यकारिणी में फेरबदल को लेकर चर्चा की संभावना
तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए नेताओं को मिल सकता है महत्वपूर्ण दायित्व
कोलकाता. प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष का दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के साथ ही प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी में फेरबदल की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. श्री घोष व प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री सुब्रत चटर्जी दिल्ली जा रहे हैं. वे सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेंगे. दिल्ली दौरे के दौरान प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी में फेरबदल को लेकर भी केंद्रीय नेताओं के साथ चर्चा होने की संभावना है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता के अनुसार श्री घोष ने भाजपा नेताओं के साथ बातचीत में स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में निष्क्रिय नेताओं की छंटनी की जायेगी. ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को टक्कर दे सके. वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी कार्यकारिणी में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन कुछ परिवर्तन होंगे.
2016 की तुलना में राज्य में भाजपा का जनाधार भी बढ़ा है. बंगाल में भाजपा प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी है. ऐसी स्थिति में पार्टी का काम भी बढ़ा है. लोकसभा चुनाव के बाद बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों से नेता भाजपा में शामिल हुए हैं.
वरिष्ठ नेता का कहना है कि अभी तक तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए नेताओं की शिकायत रही है कि उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप काम नहीं दिये गये हैं. नयी कार्यकारिणी के गठन व अन्य संगठनों में इन नेताओं को दायित्व दिये जाने की संभावना है. राज्य कमेटी के साथ-साथ युवा मोर्चा व महिला मोर्चा में उन नेताओं को स्थान मिल सकता है.
भाजपा की महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी के सांसद निर्वाचित होने के बाद महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है. महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद के लिए तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आयीं महिला नेता के नाम की लगातार चर्चा हो रही है.
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए विधायक सब्यसाची दत्ता को कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण और दमदम तीन विधानसभा केंद्र का दायित्व दिये जाने की बात सामने आयी है. भाजपा के वरिष्ठ नेता का कहना है कि अगले विधानसभा चुनाव में यदि तृणमूल कांग्रेस को पराजित करना है, तो सभी को एक साथ लेकर चलना होगा. तभी भाजपा पूरी शक्ति के साथ तृणमूल कांग्रेस का मुकाबला कर पायेगी.

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