माओवादियों से लोहा लेने को प बंगाल ने कसी कमर

कोलकाता: जंगलमहल और ओड़िशा के सारंदा जंगल में माओवादियों के फिर से संगठित होने के खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने किसी भी खतरे को पहले से ही विफल कर देने के लिए कड़े कदम उठाने शुरु कर दिए हैं.... राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियों ने कहा, ‘‘माओवादी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:50 PM

कोलकाता: जंगलमहल और ओड़िशा के सारंदा जंगल में माओवादियों के फिर से संगठित होने के खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने किसी भी खतरे को पहले से ही विफल कर देने के लिए कड़े कदम उठाने शुरु कर दिए हैं.

राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियों ने कहा, ‘‘माओवादी नेता बिकास की पत्नी तारा के नेतृत्व 40-45 माओवादी पश्चिम बंगाल में ताजा हमले करने के लिए ओड़िशा के सारंदा जंगल में अज्ञात स्थान पर फिर से संगठित हो रहे हैं. ’’ सूत्रों ने बताया कि श्रीकांत महतो और मृगेन मैती जैसी कई राजनीतिक हस्तियों को माओवादियों ने चुना है. महतो ओर मैती जंगलमहल इलाके से तृणमूल विधायक हैं.

सूत्रों ने कहा, ‘‘इन नेताओं की सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है और जंगलमहल इलाके में सुरक्षा तंत्र मजबूत करने के कदम उठाए गए हैं. ’’ गृह विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस खुफिया अलर्ट के बाद राज्य सरकार को जंगलमहल इलाके में चौकसी तेज करने के लिए अर्धसैनिक बलों की वर्तमान 39 कंपनियों के अलावा छह और कंपनियां मिली हैं.

गृह विभाग की सूचना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गयी है.