कोलकाता. देश में माइनिंग सेक्टर के विकास के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग जरूरी है. प्राकृतिक रिसोर्स से माइनिंग कर खनिज निकालना एक चुनौती है. माइनिंग सेक्टर की रिपोर्ट के अनुसार, अब खनन के लिए भी 3डी डिजाइन सॉफ्टवेयर, 3डी डिजिटल मॉक अप व प्रोडक्ट लाइफ साइकिल मैनेजमेंट (पीएलएम) का प्रयोग हो रहा है. माइनिंग सेक्टर में उत्पादन बढ़ाने के लिए डासौल्ट सिस्टम्स के तहत ‘लीन माइन कंस्ट्रक्शन व पर्फेक्ट माइन एंड प्लांट’ सॉल्यूशन का प्रयोग हो रहा है. लीन माइन कंस्ट्रक्शन के जरिये विभिन्न माइनिंग कंपनियों के ठेकेदारों व पार्टनरों को एकत्रित कर किसी भी योजना पर कार्य किया जा रहा है. इससे किसी भी माइनिंग प्रोजेक्ट के प्रोसेसिंग प्लांट डिजाइन, प्रोजेक्ट प्लानिंग, प्रोक्योरमेंट व कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट सभी समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाता है. इस संबंध में टेक्निकल एंड सस्टेंनब्लिटी के ग्रुप निदेशक टोनी ओ नील ने बताया कि कंपनियों को आगे बढ़ने के लिए अब 3डी मॉडलिंग पद्धतियों को अपनाना होगा और इसमें डासौल्ट सिस्टम्स के तहत ‘ लीन माइन कंस्ट्रक्शन व पर्फेक्ट माइन एंड प्लांट’ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी.
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उत्पादन बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक माइनिंग तकनीक का प्रयोग जरूरी
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कोलकाता. देश में माइनिंग सेक्टर के विकास के लिए अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग जरूरी है. प्राकृतिक रिसोर्स से माइनिंग कर खनिज निकालना एक चुनौती है. माइनिंग सेक्टर की रिपोर्ट के अनुसार, अब खनन के लिए भी 3डी डिजाइन सॉफ्टवेयर, 3डी डिजिटल मॉक अप व प्रोडक्ट लाइफ साइकिल मैनेजमेंट (पीएलएम) का प्रयोग हो रहा है. माइनिंग […]

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