मतदान की समय-सीमा कम करने की मांग

कोलकाता: रमजान महीने में पंचायत चुनाव होने के कारण मुसलिम समुदाय के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है. गुरुवार को फुरफुरा शरीफ के पीरजादा तब्हा सिद्दीकी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने राइटर्स बिल्डिंग पहुंचे. मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पीरजादा तब्हा सिद्दीकी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:56 PM

कोलकाता: रमजान महीने में पंचायत चुनाव होने के कारण मुसलिम समुदाय के लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है. गुरुवार को फुरफुरा शरीफ के पीरजादा तब्हा सिद्दीकी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने राइटर्स बिल्डिंग पहुंचे. मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पीरजादा तब्हा सिद्दीकी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और रमजान होने के बावजूद अब सभी लोगों से वोट देने की अपील करेंगे. लेकिन उन्होंने मतदान की समय सीमा को सुबह सात बजे से शाम पांच के अंदर रखने की मांग की.

उन्होंने कहा कि रमजान महीने के दौरान रोजाना शाम को मुसलिम समुदाय के लोग रोजा खोलते हैं, इसलिए उनके लिए यह काफी महत्वपूर्ण समय है. उनकी मांगों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रमजान के महीने में चुनाव कराना नहीं चाहती थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का आदेश होने के कारण ऐसा करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि मतदान का समय अब राज्य चुनाव आयोग ही तय करेगा.

वहीं, गुरुवार को वेस्ट बंगाल मॉइनॉरिटी यूथ फेडरेशन सहित अन्य मुसलिम संगठन के प्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, लेकिन वे मुख्यमंत्री से मिल नहीं पाये. इस मौके पर फेडरेशन के महासचिव कमरूजमां ने कहा कि पंचायत चुनाव में कुल मतदाताओं में करीब 25-27 फीसदी मतदाता मुसलिम समुदाय से हैं, इसलिए राज्य सरकार को पंचायत चुनाव की समय-सीमा पर ध्यान देना चाहिए.