सात लाख के नकली नोटों संग तीन गिरफ्तार

मालदा: अलग-अलग दो घटनाओं में बीएसएफ व पुलिस ने छह लाख 97 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया. सोमवार रात साढ़े 10 बजे के आसपास पुलिस ने मालदा के अमृति ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने से नकली नोटों के साथ आमिन शेख (20) नामक एक युवक को धर दबोचा. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 31, 2014 5:54 AM

मालदा: अलग-अलग दो घटनाओं में बीएसएफ व पुलिस ने छह लाख 97 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया. सोमवार रात साढ़े 10 बजे के आसपास पुलिस ने मालदा के अमृति ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने से नकली नोटों के साथ आमिन शेख (20) नामक एक युवक को धर दबोचा.

वह कालियाचक थाना के गुधुआ गांव का रहनेवाला है. उसके पास से चार लाख के नकली नोट मिले. दूसरी ओर, सोमवार रात को ही कालियाचक थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव के भारत-बांग्लादेश सीमा से बीएसएफ की खुफिया विभाग के अफसरों ने दो लाख 97 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ दो युवक को धर दबोचा. इनके नाम राहुल शेख (24) व रबिउल शेख (28) है. दोनों दौलतपुर निवासी है. इन दोनों के पास से एक हजार के 199 व 500 के 196 नोट बरामद हुए.

पुलिस अधीक्षक प्रसून बनर्जी ने बताया कि दोनों घटना में कुल छह लाख 97 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किये गये. बीएसएफ ने रुपये समेत युवकों को कालियाचक थाना पुलिस के हाथों सौंप दिया. पुलिस तीन युवकों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है.

उल्लेखनीय है कि बीते एक महीने में बीएसएफ व पुलिस ने 60 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किये. मालदा के भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती इलाके में नकली नोटों का कारोबार बढ़ जाने से व्यवसायियों से लेकर राजनीतिक दल परेशान हैं. इस सिलसिले में मालदा मार्चेट चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जयंत कुंडू ने बताया कि नकली नोटों के कारोबार से व्यवसायी आतंकित हो गये हैं. खुदरा बाजार से लेकर थोक बाजारों में हर दिन नकली नोट मिल रहा है. जिससे लघु व्यवसायी व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं.

उन्होंने बताया कि नकली नोटों के कारोबार को रोकने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रलय ने डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस सब रिजिउनल ऑफिस खोलने के लिए कई दिन पहले घोषणा कर दिया था. नगरपालिका की ओर से जमीन भी दे दी गयी थी, इसके बाद भी इस कार्यालय को चालू नहीं किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि नकली नोटों के कारोबार को रोकने के लिए राज्य व केंद्र दोनों सरकार को पहल करनी होगी. नहीं तो मालदा जिला ही नहीं देश की अर्थनीति पर भी विराट असर पड़ेगा.