तीर्थंकर भगवान महावीर की दिव्यवाणी को जैन समाज तक पहुंचाने का भगीरथ पुरुषार्थ
फोटो है कोलाकाता. आचार्य विनयसागर सूरीश्वरजी व मुनिप्रवर श्री रविपद्म सागरजी के सान्निध्य में श्री त्रिभुवन जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ की ओर से मोतीलाल नेहरु रोड में नवनिर्मित श्री पार्श्वपदम जैन मंदिर में महोत्सव के चतुर्थ दिन नगरी उदघाटन, च्वयणकल्याणक उजवणी, माता-पिता, इंद्र-इंद्राणी स्थापना, प्रतिष्ठाचार्य स्थापना, धर्माचार्य पूजन, 14 स्वप्न दर्शन, इंद्रासन कंपायमान, श्री नव्वाणु […]
फोटो है कोलाकाता. आचार्य विनयसागर सूरीश्वरजी व मुनिप्रवर श्री रविपद्म सागरजी के सान्निध्य में श्री त्रिभुवन जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ की ओर से मोतीलाल नेहरु रोड में नवनिर्मित श्री पार्श्वपदम जैन मंदिर में महोत्सव के चतुर्थ दिन नगरी उदघाटन, च्वयणकल्याणक उजवणी, माता-पिता, इंद्र-इंद्राणी स्थापना, प्रतिष्ठाचार्य स्थापना, धर्माचार्य पूजन, 14 स्वप्न दर्शन, इंद्रासन कंपायमान, श्री नव्वाणु प्रकारी पूजन, प्रभुजी की अंगी, भक्ति संध्या व धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ. आचार्य विनयसागर सूरीश्वरजी व मुनिप्रवर श्री रवि पद्म सागरजी ने पूर्वोत्तर भारत की भूमि पर संयम जीवन की मर्यादा में रह कर पदयात्रा, प्रवास करते हुए भगवान महावीर की दिव्य वाणी को जैन समाज तक पहुंचाने का भगीरथ पुरुषार्थ किया. तेजपुर -गुवाहाटी में भव्य चातुर्मास तथा बंगाईगांव सिलीगुड़ी में दो भव्य जिन मंदिरों के निर्माण की प्रेरणा तथा पुन: बंगाल की भूमि में कोलकाता भवानीपुर जैन संघ में चातुर्मास तथा मोतीलाल नेहरु रोड में नवनिर्मित लौद्रवा पार्श्वनाथ भगवान व उत्तर हावड़ा जैन संघ में आदिनाथ भगवान की अंजनशलाका प्रतिष्ठा में प्रेरणा देकर श्री संघ का मार्गदर्शन किया है. समाजसेवी विनीत रामपुरिया ने बताया कि नौ दिवसीय महोत्सव में साध्वी विजयप्रभा, साध्वी संयमपूर्णा आ दि ठाणा ने श्रद्धालुओं को धर्म भावना के प्रति निष्ठा व पुण्य अर्जित करने के लिए प्रेरणा दी. महोत्सव की सफलता के लिए कमल सिंह रामपुरिया, संजय रामपुरिया, मोहनलाल कोचर, चंद्र कुमार बांठिया, माणकचंद सेठिया, मगनमल रामपुरिया, नवीन कोचर, शांति लाल रामपुरिया, विमल सिंह रामपुरिया व अन्य कार्यकर्ता सक्रिय हैं.
