आम बजट को लेकर एमसीसी चेंबर में परिचर्चा

-बजट को लेकर व्यवसायियों में उत्साह का माहौल-विशेषज्ञों ने वकील का बजट बताया-कई मुद्दों पर कानूनी उलझन बरकरार कोलकाता. केंद्र सरकार के आम बजट को लेकर एमसीसी चेंबर ऑफ कॉमर्स के तत्वावधान में परिचर्चा आयोजित की गयी. परिचर्चा सत्र में भारतीय अर्थव्यवस्था पर बजट के प्रभाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एनके पोद्दार, इमामी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 1, 2015 9:03 PM

-बजट को लेकर व्यवसायियों में उत्साह का माहौल-विशेषज्ञों ने वकील का बजट बताया-कई मुद्दों पर कानूनी उलझन बरकरार कोलकाता. केंद्र सरकार के आम बजट को लेकर एमसीसी चेंबर ऑफ कॉमर्स के तत्वावधान में परिचर्चा आयोजित की गयी. परिचर्चा सत्र में भारतीय अर्थव्यवस्था पर बजट के प्रभाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एनके पोद्दार, इमामी समूह के निदेशक राधेश्याम अग्रवाल और आर्थिक विशेषज्ञ अमिताभ कोठारी ने अपने विचार प्रकट किये. कार्यक्रम के प्रारंभ में चेंबर के अध्यक्ष अरुण सर्राफ ने सभी वक्ताओं का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एनके पोद्दार ने बजट के सकारात्मक तथा नकारात्मक पक्षों पर विस्तार से विचार व्यक्त किया. खासकर चैरिटेबल संस्थाओं से संबंधित कानूनों को लेकर उन्होंने काफी महत्वपूर्ण जानकारी दी. इसके साथ ही काले धन को लेकर सरकार के कदमों को भी उन्होंने स्वागत योग्य बताया. हालांकि उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा बिना बहस के ही कानूनों को परित किये जाने पर आपत्ति प्रकट की.इमामी समूह के निदेशक राधेश्याम अग्रवाल ने बजट को देश के आर्थिक विकास में सकारात्मक कदम बताया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से बदलाव हो रहे हैं, उसमें दिन प्रतिदिन व्यवसाय करना कठिन होता जा रहा है. एक ओर जहां प्रत्येक अखबार प्रमुखता से यह छाप रहा है कि कर प्रक्रिया का सरलीकरण हो गया है वहीं जमीनी सच्चाई कुछ और ही है. उन्होंने सीमेंट तथा रियल स्टेट जैसे क्षेत्रों में सरकार के निर्णय की सराहना की. कार्यक्रम के अंत में चेंबर के डायरेक्ट टैक्स की स्टैंडिग कमेटी के चेयरमैन अरविंद अग्रवाल ने बजट को मिलाजुला बताते हुए विशिष्ट अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन किया.

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