लखवी लीड सरकार दो अंतिम
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तानी एजेंसियांे की ओर से इस मामले को जानबूझकर कमजोर करने की कोशिश हो रही है , तो उन्होंने कहा : आप चीजें अनुभव कर सकते हैं. जिस तरह पाकिस्तानी एजेंसियां मामले से निपट रही हैं. हमारा मानना है कि पाकिस्तान को आतंकवादियांे के साथ उसी तरह निबटना चाहिए […]
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तानी एजेंसियांे की ओर से इस मामले को जानबूझकर कमजोर करने की कोशिश हो रही है , तो उन्होंने कहा : आप चीजें अनुभव कर सकते हैं. जिस तरह पाकिस्तानी एजेंसियां मामले से निपट रही हैं. हमारा मानना है कि पाकिस्तान को आतंकवादियांे के साथ उसी तरह निबटना चाहिए जैसा पूरी दुनिया करती है. यह कड़ी प्रतिक्रिया इसलामाबाद हाइकोर्ट के उस आदेश के कुछ ही घंटे बाद आयी है, जिसमें अदालत ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड लखवी की हिरासत को गैरकानूनी बताया था.रिजिजू ने कहा : अच्छा या बुरा आतंकवादी जैसा कुछ नहीं होता और इस तथ्य को दुनियाभर में स्वीकार किया जा चुका है. मंत्री ने कहा : भारत ने इस घटना पर पहले ही पाकिस्तान के समक्ष कड़ा विरोध जता दिया है. हमने विदेश मंत्रालय तक पहले ही अपनी बात पहुंचा दी है और हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लखवी की जेल से रिहाई रोकने के लिए सभी कदम उठाये जायें. जस्टिस नूरुल हक ने 55 वर्षीय लखवी की उस अपील को स्वीकार कर लिया जिसमें उसने खुद को तीसरी बार हिरासत में लिये जाने के आदेश को चुनौती दी थी. अदालत ने उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया.लखवी और छह अन्य अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमाद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनिस अंजुम को नवंबर 2008 में मुंबई हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का आरोपी बनाया गया. इन हमलों में 166 लोग मारे गये थे.
