सात दिनों में होगी बाइपास सर्जरी से रिकवरी

कोलकाता. अपोलो अस्पताल बाइपास सर्जरी से होनेवाली परेशानियों को कम करने के लिए नयी तकनीक का प्रयोग कर रहा है. अपोलो ने मिनिमली इंवैसिव कार्डियाक सर्जरी (एमआइसीएस) का प्रयोग करना शुरू किया है, जिससे रोगी सात दिनों के अंदर रिकवरी कर सकता है. आम तौर पर बाइपास सर्जरी में हृदय के पास काफी अधिक चीरा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 6, 2015 10:04 PM

कोलकाता. अपोलो अस्पताल बाइपास सर्जरी से होनेवाली परेशानियों को कम करने के लिए नयी तकनीक का प्रयोग कर रहा है. अपोलो ने मिनिमली इंवैसिव कार्डियाक सर्जरी (एमआइसीएस) का प्रयोग करना शुरू किया है, जिससे रोगी सात दिनों के अंदर रिकवरी कर सकता है. आम तौर पर बाइपास सर्जरी में हृदय के पास काफी अधिक चीरा पड़ता है, लेकिन नयी तकनीक से अब मात्र चार सेमी के चीरे से ही इस पद्धति से बाइपास सर्जरी की जा रही है. इससे रोगी को दर्द कम होता है और वह जल्द रिकवरी भी करता है. हॉस्पिटल में आयोजित एक कार्यक्रम में इटली की हृदय रोग विशेष डॉ लुसिया टोरैका ने कहा कि भारत के कुछ अस्पतालों ने इस पद्धति का प्रयोग करना शुरू किया है. इस पद्धति के प्रयोग से रोगियों को काफी लाभ होगा. इस दौरान अपोलो हॉस्पिटल के कार्डियो थोरेसिस एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ सुशान मुखर्जी, अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप की पूर्वी क्षेत्र की अध्यक्ष व सीईओ डॉ रुपाली बसु सहित अन्य उपस्थित थे.