भूमि बिल का विरोध: वाम मोरचा के चेयरमैन विमान बसु की मांग, भूमि अधिग्रहण बिल वापस ले केंद्र

कोलकाता: भूमि अधिग्रहण विधेयक जल्द वापस लिये जाने समेत करीब 34 मुद्दों को लेकर वाम मोरचा की ओर से महानगर में रैली निकाली गयी. रैली मंगलवार को अपराह्न् महाजाति सदन के निकट से शुरू हुई जो महानगर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए रानी रासमणि एवेन्यू पर समाप्त हुई.... रैली का नेतृत्व राज्य में वाम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 8, 2015 6:34 AM
कोलकाता: भूमि अधिग्रहण विधेयक जल्द वापस लिये जाने समेत करीब 34 मुद्दों को लेकर वाम मोरचा की ओर से महानगर में रैली निकाली गयी. रैली मंगलवार को अपराह्न् महाजाति सदन के निकट से शुरू हुई जो महानगर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए रानी रासमणि एवेन्यू पर समाप्त हुई.

रैली का नेतृत्व राज्य में वाम मोरचा के चेयरमैन विमान बसु ने किया, जबकि इसमें भाकपा के राज्य सचिव प्रबोध पांडा, मंजू कुमार मजूमदार, रॉबिन देव, प्रदेश एटक के सचिव व कोलकाता टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन के महासचिव नवल किशोर श्रीवास्तव, श्यामधर पांडेय समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे. रैली के दौरान वाम मोरचा की ओर से विमान बसु ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्रीय सरकार व तृणमूल कांग्रेस नीत राज्य सरकार की नीति जन विरोधी है, ऐसे में यह स्लोगन देना गलत नहीं होगा कि ‘तृणमूल हटाओ बंगाल बचाओ और भाजपा हटाओ देश बचाओ’.

महानगर में वामपंथियों की रैली मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी की रैली के ठीक एक दिन पहले निकाली गयी. वामपंथी नेताओं ने इसे ‘पाल्टा रैली’ यानी जवाबी रैली का भी नाम दिया है. विश्लेषकों की मानें तो निकाय चुनाव के ठीक पहले महानगर में वामपंथियों की रैली काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विमान बसु ने आरोप लगाया कि केंद्रीय भूमि अधिग्रहण विधेयक किसानों के हित में नहीं है.

किसानों के अधिकार का पूरी तरह से हनन होगा. वाम मोरचा की ओर से उन्होंने मांग की कि केंद्रीय सरकार जल्द भूमि अधिग्रहण विधेयक वापस ले. इस विधेयक के विरोध में विधेयक की प्रतियों को वामपंथी नेताओं ने जलाया. इधर तृणमूल सरकार पर कटाक्ष करते हुए बसु ने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों की स्थिति दिन पर दिन दयनीय होती जा रही है. महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं.

ऐसे में वाममोरचा की ओर से मांग की गयी कि आलू समेत अन्य उत्पादों की सही कीमत किसानों को दी जाये, नारी की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के साथ ही महिलाओं के प्रति आपराधिक घटनाओं को अंजाम देनेवाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये, चिटफंड कांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, चिटफंड कांड के भुक्तभोगी लोगों को मुआवजा जल्द मिले, किसानों की बदहाल स्थिति और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से निबटने के लिए सभी एकजुट हों. वामपंथी नेताओं ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के पहले पूरे राज्य में अराजकता की स्थिति है. वामपंथी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं. उन्हें धमकाया जा रहा है. अराजक स्थिति के बीच वामपंथी उम्मीदवारों को विजयी बनाने का आह्वान किया गया है.