जागरूकता की कमी ब्रेन अटैक की प्रमुख वजहजीवन शैली में परिवर्तन से बचाव संभवअपोलो समूह द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम जारीकोलकाता. जीवन शैली में परिवर्तन की वजह से लोगों में ब्रेन अटैक की बीमारी में वृद्धि हो रही है. भारत में प्रति वर्ष 14 लाख लोग इसके शिकार होते हैं. जिसकी मुख्य वजह जानकारी का अभाव होना है. इससे बचने के लिए तनाव से दूर रहना और अल्कोहल वाले पदार्थों के सेवन का त्याग करना जरूरी है. शुक्रवार को महानगर के अपोलो अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ जयंत राय ने ये बातें कहीं. उनके अनुसार ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखाई पड़ते ही समय बरबाद किये बगैर रोगी को अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है. अगर 4.5 घंटे से लेकर 8 घंटे के भीतर उसकी चिकित्सा प्रारंभ की जाये तो रोगी के बचने की संभावना अधिक होती है. ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हैं चेहरे में विकृति, हाथ का काम नहीं करना आदि. ब्रेन स्ट्रोक की गंभीर बीमारी से पीडि़त हावड़ा निवासी सत्यजीत राय की सफल शल्य चिकित्सा कुछ ही दिनों पूर्व अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों की टीम द्वारा की गयी थी. इस अवसर पर अपोलो समूह की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपाली बसु के साथ अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ शंकर लोहारुका ने भी अपने विचार व्यक्त किये. डॉ बसु ने पूर्वी क्षेत्र के इस प्रसिद्ध अस्पताल समूह के विस्तार एवं भविष्य में तकनीक का प्रयोग कर लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाओं के संबंध में प्रकाश डाला.
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ब्रेन अटैक के मामले में कोलकाता सबसे अव्वल: डॉ राय
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