ट्रेन विस्फोट में पुलिस की भूमिका संदिग्ध: सिद्धार्थ नाथ सिंह

कोलकाता. भाजपा के बंगाल के प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि टीटागढ़ के करीब लोकल ट्रेन में हुए विस्फोट के बाद पुलिस का स्पष्टीकरण केवल घटना को छिपाने तथा लीपापोती का ही है. श्री सिंह ने अपने बयान में कहा है कि यह विस्फोट पश्चिम बंगाल में आतंक के आधारभूत ढांचे के संबंध […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 12, 2015 8:05 PM

कोलकाता. भाजपा के बंगाल के प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि टीटागढ़ के करीब लोकल ट्रेन में हुए विस्फोट के बाद पुलिस का स्पष्टीकरण केवल घटना को छिपाने तथा लीपापोती का ही है. श्री सिंह ने अपने बयान में कहा है कि यह विस्फोट पश्चिम बंगाल में आतंक के आधारभूत ढांचे के संबंध में कई सवाल खड़े करता है. ट्रेन विस्फोट के संबंध में राज्य पुलिस का स्पष्टीकरण घटना को दबाने के अलावा और कुछ नहीं है. इस संबंध में कोई तर्क संगत कारण नहीं बताया गया है. सुबह 3.55 बजे दो विरोधी गुट बम फेंकने व एक दूसरे से बदला लेने के लिए ट्रेन में नहीं चढ़ंेगे. उसी तरह पिंगला ब्लास्ट में भी पटाखा फैक्टरी का तर्क दिया जा रहा है. यह निरर्थक है. विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शरीर के अंग पेड़ों की टहनियों पर जा अटके. इतनी तीव्रता वाले पटाखों की कल्पना नहीं की जा सकती. राज्य सरकार को विश्वसनीय बयान देना चाहिए. भाजपा मामले की एनआइए जैसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग करती है. एनआइए ने अपने बर्दवान मामले के आरोप पत्र में भी वीरभूम, नदिया, बर्दवान और मुर्शिदाबाद जिलों में फैल रही आतंकी गतिविधियों के संबंध में उल्लेख किया है.