मास्टर कंट्रोलर से चलती है इएमयू ट्रेन

– समेशसिंह –... 30 सेंकेड तक मास्टर कंट्रोलर से हाथ हटा, तो रुक जायेगी ट्रेन कोलकाता : इएमयू (इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट) ट्रेन मास्टर कंट्रोलर से चलती है. लोको पायलट को हर समय ट्रेन को गति में रखने के लिए मास्टर कंट्रोलर को दबा कर रखना पड़ता है. तेज गति में चल रही इएमयू ट्रेन के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 12, 2013 3:01 AM

– समेशसिंह –

30 सेंकेड तक मास्टर कंट्रोलर से हाथ हटा, तो रुक जायेगी ट्रेन

कोलकाता : इएमयू (इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट) ट्रेन मास्टर कंट्रोलर से चलती है. लोको पायलट को हर समय ट्रेन को गति में रखने के लिए मास्टर कंट्रोलर को दबा कर रखना पड़ता है.

तेज गति में चल रही इएमयू ट्रेन के मास्टर कंट्रोलर से 30 सेकेंड तक हाथ हटा लेने पर गाड़ी धीमी होकर खड़ी हो जाती है. नौ 12 बोगी की लोकल ट्रेन को सिर्फ एक ही लोको पायलट चलाता है, उसके साथ अन्य कोई सहायक नहीं होता है. ट्रेन में यात्रियों के सुरक्षित चढ़ाने और उनके उतारने पर निगरानी रखने के लिए पीछे गार्ड होता है.

स्टेशन पर ट्रेन के खड़े होने पर सभी यात्रियों के चढ़ने और उतर जाने के बाद गार्ड लोको पायलट को हार्न बजा कर आगे बढ़ने के लिए निर्देश देता है. गार्ड के हार्न बजाने के बाद लोको पायलट फिर ट्रेन को आगे बढ़ता है.

पूर्व रेलवे सियालदह के विद्युत चालक दल के संचालक दिलीप कुमार दास ने बताया कि मास्टर कंट्रोलर से हाथ हटाते ही 30 सेंकेंड के बाद अलार्म बजना शुरू हो जाता है, इसके बावजूद लोको पायलट के कंट्रोलर पर हाथ नहीं रखने पर तेज गति में चल रही ट्रेन की गति स्वत: धीमी होती जाती है, धीरेधीरे कुछ दूरी पर जाने के बाद गाड़ी खड़ी हो जाती है.

लाइन में खड़ी उक्त गाड़ी के वहां से हटाने तक उक्त लाइन इलेक्ट्रिक्ल लॉक्ड रहता है. इस दौरान उस लाइन में दूसरी गाड़ी नहीं घुस सकती है. इएमयू ट्रेन 95 किमी प्रति घंटे के रफ्तार से चलती है. इस दौरान एक ही लोको पायलट होने की वजह से तेज गति में चल रही ट्रेन में अचानक लोको पायलट के बेहोश हो जाने या उन्हें दिल का दौरा पड़ने से एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना हो सकती है. इसीलिए पहले से सतर्कता के इंतजाम किये गये हैं.