चिटफंड कंपनी के एजेंट को बांध कर पीटा

हल्दिया. निजी वित्त संस्था में जमा किये गये पैसे को लौटाने की मांग पर संस्था के एक एजेंट को बांध कर पीटने की घटना हुई. तमलुक थाने की पुलिस ने एजेंट को मुक्त कराया. तमलुक के पाइकबाड़ी गांव के कालीपद बेरा, आइआरएल नामक एक निजी वित्त संस्था के एजेंट के तौर पर काम करते थे. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 1, 2015 6:53 AM
हल्दिया. निजी वित्त संस्था में जमा किये गये पैसे को लौटाने की मांग पर संस्था के एक एजेंट को बांध कर पीटने की घटना हुई. तमलुक थाने की पुलिस ने एजेंट को मुक्त कराया. तमलुक के पाइकबाड़ी गांव के कालीपद बेरा, आइआरएल नामक एक निजी वित्त संस्था के एजेंट के तौर पर काम करते थे. एजेंट के तौर पर इलाके से पांच से छह लाख रुपये इकट्ठा कर कंपनी में जमा किया था. सारधा घोटाले के बाद आइआरएल नामक संस्था ने अपना काम-काज बंद कर दिया. संस्था के कार्यालय में ताला लग गया. स्थानीय लोगों ने अपने पैसे हासिल करने के लिए कालीपद बेरा पर दबाव डालना शुरू कर दिया.

मंगलवार को कुछ निवेशकों ने स्थानीय लोगों के साथ मिल कर कालीपद बेरा के घर पर धावा बोला. कालीपद बेरा का कहना था कि इतने रुपये वह नहीं दे सकते. उत्तेजित लोगों ने कालीपद को रास्ते के करीब सीमेंट के एक पिलर के साथ बांध कर पीटना शुरू कर दिया. तमलुक थाने की पुलिस सामूहिक पिटाई की खबर पाकर मौके पर पहुंची और कालीपद को छुड़ा कर और उसे थाने ले आयी. तमलुक थाने की पुलिस के मुताबिक निवेशकों ने पैसे लौटाने के लिए उक्त संस्था के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी है. कालीपद के खिलाफ लिखित शिकायत नहीं है.

इसलिए उसे गिरफ्तार नहीं किया गया. हालांकि कालीपद ने पिटाई के खिलाफ स्थानीय लोगों के विरुद्ध लिखित में शिकायत दर्ज करायी है. कालीपद के मुताबिक कंपनी पर भरोसा करके उन्होंने लोगों से पैसे उठाये थे. कंपनी बंद हो जाने के बाद थाने में कंपनी के खिलाफ शिकायत करने के अलावा निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं. जिला के एसपी आलोक राजाैरिया ने कहा कि पिटाई की घटना उन्होंने सुनी है. किसी के खिलाफ शिकायत होने पर पुलिस कार्रवाई करेगी.

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