बार एसोसिएशन के बहिष्कार की अनदेखी कर की मामले की पैरवी
न्यायाधीश गिरीश गुप्ता की बेंच पर 14 नंबर बार के वकीलों ने की मामले की पैरवी कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश गुप्ता के खिलाफ र्दुव्यवहार का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के वकीलों ने उनकी डिवीजन बेंच का बायकाट कर दिया है. पिछले गुरुवार से न्यायाधीश गिरीश गुप्ता की डिवीजन बेंच […]
न्यायाधीश गिरीश गुप्ता की बेंच पर 14 नंबर बार के वकीलों ने की मामले की पैरवी
कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश गुप्ता के खिलाफ र्दुव्यवहार का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के वकीलों ने उनकी डिवीजन बेंच का बायकाट कर दिया है.
पिछले गुरुवार से न्यायाधीश गिरीश गुप्ता की डिवीजन बेंच पर मामलों की सुनवाई नहीं हो रही है, लेकिन बुधवार को हाइकोर्ट में एक आश्चर्यजनक घटना घटी. हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के निर्देश की उपेक्षा करते हुए कोर्ट के 14 नंबर बार के वकील अपने मामले की सुनवाई के लिए गिरीश गुप्ता के डिवीजन बेंच पर पहुंचे. उन्होंने न्यायाधीश से उनके मामलों की सुनवाई करने का आवेदन किया, जिसे स्वीकारते हुए न्यायाधीश गिरीश गुप्ता की बेंच पर कई मामलों की सुनवाई हुई.
लेकिन मामले की सुनवाई के बाद वकील जैसे ही कोर्ट रूम से बाहर निकले, बहिष्कार का समर्थन करनेवाले वकीलों ने उनके खिलाफ धावा बोल दिया. वकीलों के साथ गाली-गलौज की गयी, यहां तक कि उन लोगों ने वकीलों को धमकी तक दी.
वहीं, न्यायाधीश गिरीश गुप्ता की डिवीजन बेंच ने बुधवार को एक मामले में एक पक्षीय राय सुनाते हुए एक आरोपी की जमानत याचिका मंजूर कर ली. सुब्रत सिंह राय नामक आरोपी पर हत्या का मामला चल रहा है, उसने जमानत के लिए याचिका दायर की थी. लेकिन मामले की सुनवाई के दौरान वकील नहीं थे. इसके बाद सुब्रत सिंह राय के पिता दीपक चक्रवर्ती ने हाइकोर्ट में उनके समक्ष हाथ जोड़ कर जमानत देने का आवेदन किया था.
इसके बाद न्यायाधीश ने सिर्फ केस डायरी को देख कर उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली. इसके साथ ही न्यायाधीश ने सरकारी वकील को चेताते हुए कहा कि वे बहिष्कार कर रहे हैं, इससे उनका कोई लेना-देना नहीं. लेकिन केस डायरी किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है, यह सरकारी संपत्ति है.
उन्होंने कहा कि सरकारी वकीलों को इसे कोर्ट में जमा करना ही होगा. नहीं तो, इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
