हॉकर नीति लागू करने की मांग पर हॉकरों ने कानून तोड़ा
कोलकाता. केंद्रीय हॉकर नीति लागू करने की मांग पर हॉकरों ने कानून भंग कर अपना विरोध जताया. सोमवार को श्रमिक संगठन सीटू समर्थित वेस्ट बंगाल स्ट्रीट हॉकर्स फेडरेशन के बैनर तले सैकड़ों हॉकर राजा सुबोध मलिक स्क्वायर से एक रैली निकाल कर रानी रासमनी एवेन्यू पहुंचे आैर कानून भंग कर अपनी गिरफ्तारी दी. इस अवसर […]
देश के अधिकतर राज्य अपने यहां इस कानून को लागू कर चुके हैं, पर एक वर्ष से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने केंद्रीय हॉकर नीति को लागू नहीं किया है. हॉकरों का वोट हासिल करने के लिए सरकार ने कोलकाता नगर निगम चुनाव से पहले उन्हें लायसेंस देने का एलान किया था, जो पूरी तरह अवैध है. हॉकर नीति के अनुसार हॉकरों को लायसेंस देने से पहले टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन करना होगा, जिसमें हॉकर, निगम व नगरपालिका, पुलिस एवं प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह कमेटी सर्वे कर हॉकरों को चिह्नित करेगी, उसके बाद ही उन्हें लायसेंस दिया जायेगा. राज्य सरकार के निर्देश पर कोलकाता नगर निगम जो कुछ कर रहा है, वह पूरी तरह अवैध है.
श्री साहू ने आरोप लगाया कि महानगर समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में हॉकरों का उच्छेद किया जा रहा है, जबकि केंद्रीय हॉकर नीति एवं सुप्रीम कोर्ट के फैसले में यह साफ लिखा हुआ है कि पुनर्वास के बगैर किसी भी हॉकर का उच्छेद नहीं किया जा सकता है. पर बंगाल में यह सब कुछ हो रहा है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही केंद्रीय हॉकर नीति लागू नहीं किया तो हम लोग आैर भी जोरदार आंदोलन चलायेंगे. अन्य हॉकर संगठनों को भी इस आंदोलन में साथ लिया जायेगा.
