जीटीए चीफ पद से इस्तीफा देंगे गुरुंग

सिलीगुड़ी/ दार्जिलिंग. पहाड़ दौरे पर आयीं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले बिना ही गोजमुमो सुप्रीमो व जीटीए चीफ बिमल गुरुंग मंगलवार को दिल्ली चले गये. रवानगी से पहले उन्होंने एलान किया कि वह 18 सितंबर को गोरखा टेरीटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के प्रमुख पद से इस्तीफा दे देंगे. ... इस घोषणा से यह स्पष्ट […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 16, 2015 6:38 AM
सिलीगुड़ी/ दार्जिलिंग. पहाड़ दौरे पर आयीं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिले बिना ही गोजमुमो सुप्रीमो व जीटीए चीफ बिमल गुरुंग मंगलवार को दिल्ली चले गये. रवानगी से पहले उन्होंने एलान किया कि वह 18 सितंबर को गोरखा टेरीटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के प्रमुख पद से इस्तीफा दे देंगे.

इस घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार और गोरखा संगठन के बीच टकराव और तेज होने जा रहा है. इससे पहले गोजमुमो के तीन विधायक भी जीटीए के कामकाज में राज्य सरकार के हस्तक्षेप का आरोप लगा कर इस्तीफा देने का एलान कर चुके हैं.

दिल्ली के लिए विमान पकड़ने से पहले बागडोगरा हवाई अड्डे पर गुरुंग ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि गोरखालैंड हर हाल में लेकर रहेंगे. इसके लिए एक बार फिर पहाड़ पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ पर विकास का कोई काम नहीं कर रही है. ममता बनर्जी जब-जब पहाड़ के दौरे पर आती हैं, तब-तब विकास के नाम पर जातिगत आधार पर लोगों को बांटने की राजनीति करती हैं. पहाड़ की जनता अब जातिगत राजनीति बरदाश्त नहीं करेगी. राज्य सरकार को इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी महकमा परिषद के चुनाव में गोजमुमो पूरी तरह भाजपा को समर्थन करेगी. वह खुद 15 दिनों तक महकमा क्षेत्र में भाजपा के लिए प्रचार करेंगे.
गुरुंग को बुधवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित तीज समारोह में शामिल होना है. इसमें योगगुरु बाबा रामदेव, उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण व कुछ केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहेंगे. गुरुंग के साथ पार्टी के और चार अन्य सदस्य भी दिल्ली गये हैं. इनमें विधायक डॉ रोहित शर्मा, अरुण सिंगजी, सूरज वर्मा, ज्ञानेंद्र आर्यल शामिल हैं.