कोलकाता में सभी धर्म-संस्कृति का समान आदर : शोभन चटर्जी

कोलकाता : देश-दुनिया में लगभग 10 करोड़ मारवाड़ियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था अंतराष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट ने इस बार नवरात्र पर शारदोत्सव डांडिया-2015 का ऐसा मनभावन कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसमें छोटे- बड़े सभी ने एक साथ मिलकर गीत-संगीत व नृत्य का भरपूर आनंद उठाया. महासप्तमी की शाम होटल हिन्दुस्तान इंटरनेशनल के टोपाज बैंक्वेट में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 25, 2015 3:13 AM
कोलकाता : देश-दुनिया में लगभग 10 करोड़ मारवाड़ियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था अंतराष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट ने इस बार नवरात्र पर शारदोत्सव डांडिया-2015 का ऐसा मनभावन कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसमें छोटे- बड़े सभी ने एक साथ मिलकर गीत-संगीत व नृत्य का भरपूर आनंद उठाया.
महासप्तमी की शाम होटल हिन्दुस्तान इंटरनेशनल के टोपाज बैंक्वेट में माँ जगदंबा की आरती के पश्चात कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी ने दीप जलाकर इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया और कहा कि कोलकाता एक ऐसा महानगर हैं जहां हर जाति-सम्प्रदाय के लोगों में धर्म-संस्कृति के प्रति गजब का समन्वय है और यही वजह है कि आज भी यहां अनेकता में एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है.
राज्य के कारागार मंत्री एचए सफी ने बतौर प्रधान अतिथि कहा कि यहां हर जाति-संप्रदाय के लोग परस्पर त्योहारों में बढ़-चढ़कर कर हिस्सा लेते हैं और यही यहां कि सबसे बड़ी खासियत है. इस अवसर पर मेयर व मंत्री को पगड़ी व दुपट्टा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदित किया गया. इस अवसर पर मंचासीन विशिष्ट उद्योगपति हरिप्रसाद बुधिया व अन्य गणमान लोगों का भी सम्मान किया गया.
संस्था के अध्यक्ष दिनेश बजाज ने आगत् अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यूं तो महानगर में नवरात्रि पर डांडिया की धूम मची रहती है लेकिन इसमें यह आयोजन अपने सहयोगियों व शुभचिंतकों की बदौलत पूर्णतः निःशुल्क प्रवेश के साथ किया गया और जिस तरह से प्रवेश पत्रों की मांग हुई है इसे देखते हुए अगले वर्ष और बड़े स्थान पर इसे करने का प्रयास किया जायेगा जिससे और ज्यादा से ज्यादा लोग इसका आनंद उठा सकें.
आयोजन समिति के चैयरमैन भानीराम सुरेका ने धन्यवाद ज्ञापन किया जबकि संस्था की भारत शाखा के अध्यक्ष सज्जन सराफ, महासचिव द्वय राजकुमार शर्मा व सिद्धार्थ पंसारी, संयोजक सुशील चौधरी, संयुक्त सचिव द्वय रवींद्र कुमार लडिया व प्रदीप संघई भी मंचासीन थे.
दूसरे व तीसरे दिन उपस्थित होने वाले गणमान्य लोगों में बांग्लादेश के उच्च-उपायुक्त जाॅकी आहाद, विशिष्ट उद्योगपति द्वय हरिप्रसाद कानोड़िया व संजय बुधिया शामिल थे. इस पूरे आयोजन कोे अपना संरक्षण प्रदान करने वाले सुरेंद्र बजाज, कृष्ण कुमार सिंघानिया, ओमप्रकाश भरतिया, पवन मोर, पवन बोथरा, रमेश भल्ला, योगेश अग्रवाल, राजीव भरतिया, पवन भगत, बनवारी लाल चौधरी, संजय बेरीवाल, राजकुमार तोषनीवाल, अनुप मुरारका, सुभाष वर्मा, श्याम सुंदर शर्मा, महेश निमावत भी उपस्थित थे.
श्रीकृष्णा इवेंट की देखरेख में प्रस्तुत इस कार्यक्रम में राजस्थानी, गुजराती, पंजाबी लोकगीत व अन्य लोकप्रिय धुनों पर प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों, युवक-युवतियों व दंपतियों ने झूम नाचकर कार्यक्रम को सफल बनाया. आयोजन कोे सफल बनाने में बजरग शर्मा, मोटा संजू, मनू व्यास, गणेश जोशी, संदीप बजाज, हेमंत शर्मा, सूरज सोनी, धर्मेंद्र जायसवाल आदि सक्रिय रहे.