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गौकशी पर कानून मानेंगे : देवबंद के कुलपति -ताकत के बल पर प्रतिबंध ठीक नहींकोलकाता. देश के सबसे बड़े इसलामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद के कुलपति मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी का कहना है कि इसलाम में गाय की कुर्बानी व उसका मांस खाने को जायज ठहराया गया है, पर जिन स्थानों पर ऐसा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 29, 2015 11:10 PM

गौकशी पर कानून मानेंगे : देवबंद के कुलपति -ताकत के बल पर प्रतिबंध ठीक नहींकोलकाता. देश के सबसे बड़े इसलामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद के कुलपति मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी का कहना है कि इसलाम में गाय की कुर्बानी व उसका मांस खाने को जायज ठहराया गया है, पर जिन स्थानों पर ऐसा करने पर पाबंदी है, वहां हम सख्ती से कानून को मानते हैं. एक कार्यक्रम में शामिल होने महानगर आये मौलाना नोमानी ने कहा कि दुनिया के शीर्ष इसलामिक शिक्षण संस्थानों में से एक दारुल उलूम देवबंद का मुख्यालय उत्तर प्रदेश में स्थित है, जहां सरकार ने गौकशी पर पाबंदी लगा रखी है. इसलिए देवबंद में कभी भी गौकशी नहीं की गयी. हम गैरकानूनी कामों से दूर रहते हैं. केरल हाउस में दिल्ली पुलिस द्वारा की गयी छापेमारी पर उन्होंने कहा कि जहां पाबंदी नहीं है, वहां हम लोग गलत तरीके से प्रतिबंध लगाने व ताकत के बल पर रोक लगाने का विरोध करते हैं. मौलाना नोमानी ने कहा कि देवबंद में बेगुनाहों के कत्ल के खिलाफ पुरस्कार लौटानेवालों का समर्थन करता है, पर पुरस्कार लौटाना ही विरोध जताने का एकमात्र तरीका नहीं है.