काम के प्रति ईमानदारी का प्रशिक्षण

कोलकाता: कोलकाता पुलिस के पोर्ट डिवीजन ने आम जनता में पुलिस की छवि को और अधिक लोकप्रिय बनाने एवं पुलिस व लोगों के बीच आपसी संबंधों को मधुर बनाने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल की है. ... इसके तहत डिवीजन के डीसी से लेकर होम गार्ड तक को एक साल तक प्रशिक्षण दिया जायेगा. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 30, 2013 9:25 AM

कोलकाता: कोलकाता पुलिस के पोर्ट डिवीजन ने आम जनता में पुलिस की छवि को और अधिक लोकप्रिय बनाने एवं पुलिस व लोगों के बीच आपसी संबंधों को मधुर बनाने के उद्देश्य से एक अनोखी पहल की है.

इसके तहत डिवीजन के डीसी से लेकर होम गार्ड तक को एक साल तक प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसमें पुलिस को किसी प्रकार डय़ूटी व जनता की सेवा करनी है, इसे सिखाया जायेगा. डीसी पोर्ट वी सोलोमन नेसा कुमार ने बताया कि कोलकाता पुलिस के पुलिस आयुक्त सुरजीत कर पुरकायस्थ के निर्देश पर डिवीजन में पहला प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को आर्य परिषद स्कूल सभागार में लगाया गया. इसमें लगभग 100 कांस्टेबल व होमगार्ड ने हिस्सा लिया. आइपीएस श्री कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में बेहतर पुलिस परिसेवा, व्यक्तित्व विकास व थाने में किसी की शिकायत पर कैसे त्वरित कार्रवाई कर जनता की सेवा की जा सके, इसका प्रशिक्षण दिया जायेगा. आम जनता के साथ नरमी बरकरार रख उन्हें परिसेवा प्रदान करने की भी सीख दी जायेगी. एक साल तक समय-समय पर यहप्रशिक्षण शिविर लगाया जायेगा.

पहले चरण में 1400 को प्रशिक्षण
कोलकाता पुलिस में पहली बार किसी डिवीजन ने यह पहल की है. उन्होंने बताया कि ए, बी, सी तीन ग्रुप के आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ए ग्रुप में डीसीपी एवं एसीपी स्तर के अधिकारी हैं, जबकि बी ग्रुप में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, साज्रेंट एवं एएसआइ हैं. सी ग्रुप में कांस्टेबल एवं होमगार्ड हैं. इस डिवीजन में सब मिलाकर 1400 पुलिस अधिकारी व जवान हैं. इन सभी को एक साल के भीतर प्रशिक्षित कर दिया जायेगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच पुलिस की छवि को दोस्ताना बना कर अपराध पर रोक लगाना है. साथ ही सरलता, नम्रता व ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य व डय़ूटी का पालन करना है.