940 करोड़ की योजना
तैयारी. कोना एक्सप्रेस वे पर बनेगा सात किमी का फ्लाइओवर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद कोलकाता : विद्यासागर सेतु अर्थात द्वितीय हुगली ब्रिज से मुंबई व दिल्ली रोड तक ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने नया फ्लाइओवर बनाने की योजना बनायी है. राज्य सरकार कोना एक्सप्रेस वे पर छह […]
तैयारी. कोना एक्सप्रेस वे पर बनेगा सात किमी का फ्लाइओवर
ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद
कोलकाता : विद्यासागर सेतु अर्थात द्वितीय हुगली ब्रिज से मुंबई व दिल्ली रोड तक ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने नया फ्लाइओवर बनाने की योजना बनायी है.
राज्य सरकार कोना एक्सप्रेस वे पर छह लेनवाला सात किमी लंबा फ्लाइओवर बनाने जा रही है. पश्चिम बंगाल राजमार्ग उन्नयन निगम की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना पर लगभग 940 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. उन्नयन निगम राइट्स नामक संस्था को फ्लाइओवर को लेकर समीक्षा करने का दायित्व सौंपा गया है. इस संबंध में राइट्स राज्य सचिवालय में प्राथमिक रिपोर्ट भी पेश कर चुकी है. इस संबंध में हाइवे उन्नयन निगम के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने बताया कि परियोजना को लेकर डीपीआर बनाने का काम चल रहा है. डीपीआर मिलने के बाद इसे क्रियान्वित करने का कार्य शुरू होगा.
निगम के मुख्य महाप्रबंधक श्रीकुमार भट्टाचार्य ने बताया कि यह फ्लाइओवर छह लेन का होगा. इस योजना के अंतर्गत ही सांतरागाछी के पास दो अंडरपास बनाये जायेंगे, एक सांतरागाछी स्टेशन व दूसरा बस स्टैंड की ओर जायेगा. उन्होंने बताया कि विद्यासागर सेतु से मुंबई या दिल्ली रोड जाने के लिए सांतरागाछी ब्रिज से होकर गुजरना पड़ता है. हालांकि सांतरागाछी ब्रिज काफी संकरा होने की वजह से यहां दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है.
राइट्स द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट बताया गया है कि कोना एक्सप्रेस वे पर कितने वाहन आते-जाते हैं. गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वर्ष 2030 तक यहां से कितने वाहन गुजरेंगे, इसे ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की गयी है. फिलहाल यहां से रोजाना लगभग 58 हजार गाड़ियाें का आवागमन होता है.
सांतरागाछी ब्रिज की मरम्मत होने के बाद भी यहां 70-75 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही संभव नहीं है. इसलिए राज्य सरकार कोना एक्सप्रेस वे पर सात किमी लंबा फ्लाइओवर बनाने जा रही है, जो द्वितीय हुगली ब्रिज से सीधे मुंबई व दिल्ली रोड पर जाकर उतरेगी. इससे यहां की ट्रैफिक व्यवस्था का काफी हद तक समाधान हो जायेगा.
