फीफी ने केंद्र सरकार से मत्स्य पालन मंत्रालय बनाने की मांग की

हावड़ा. राज्य सरकार मछली व्यपारियों के साथ है. सरकार की ओर से मछुआरों की बेहाल स्थिति व मछली उद्योग को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. रविवार को लेक लैंड कंट्री क्लब में कृषि विपणन मंत्री अरुप राय ने यह बात कही. वेस्ट बेंगाल यूनाइटेड फिशरमैन एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन करते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 8, 2016 2:37 AM
हावड़ा. राज्य सरकार मछली व्यपारियों के साथ है. सरकार की ओर से मछुआरों की बेहाल स्थिति व मछली उद्योग को बचाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. रविवार को लेक लैंड कंट्री क्लब में कृषि विपणन मंत्री अरुप राय ने यह बात कही. वेस्ट बेंगाल यूनाइटेड फिशरमैन एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार की स्थिति स्पष्ट है, वह मछली व्यापारियों के साथ है और केंद्र में मत्स्य पालन मंत्रालय बनाने के लिए केंद्र सरकार के साथ बात की जाएगी. 9 राज्यों से आये 140 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समुद्र में सीमा रेखा का ज्ञान नहीं होने के कारण मछुआरे दूसरे देशों में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे उन्हें बंदी बना लिया जाता है.

इसके लिए केंद्र सरकार को सकारात्मक कदम उठाने की जरुरत है. इस अ‍वसर पर राज्य के को.आपरेशन मंत्री ने भी मछली व्यापारियों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रतिनिधियों को संबोधित किया.

मुख्य अतिथि के रूप में फनी भूषण मालो, बांग्लादेश से आए रफीकुल इस्लाम, पं. बं. मत्स्य पालन विभाग के उपनिदेशक संदीप कुमार मंडल, स्टेट कोडिनेटर नेटफिस के अतानु रे उपस्थित थे. जानकारी देते हुए संस्था के उपाध्यक्ष प्रणव कर ने कहा कि हमारी सात मांगे है केंद्र सरकार से. केंद्र में अलग से मत्स्य पालन मंत्रालय का गठन, मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा, केंद्रीय और सभी समुद्री राज्य से मछली पकड़ने के लिए प्रयोग की जानेवाली नावों के लिए डीजल सब्सिडी, राज्यों के साथ मिलकर राष्ट्रीय मत्स्य पालन नीति की घोषणा सहित अन्य तीन मांगों को केंद्र सरकार के सामने रखा जाएगा.